मुजफ्फरनगर में मृत बताकर काट दिये हज़ारों मुसलमानों के वोट, जमीअत ने जताई नाराजगी

मुजफ्फरनगर से एक मामला सामने आया है जिसमें मुस्लिम समाज के हजारों वोटर को मृतक दिखाकर वोट काटने की साजिश का खुलासा हुआ है। कारी जाकिर हुसैन कासमी जोकि जमीअत उलमा के प्रदेश सेक्रेटरी है उन्होंने जिला अधिकारी चंद्रभूषण सिंह से मुलाकात की और निर्वाचन आयुक्त भारत निर्वाचन आयोग के नाम पर ज्ञापन सौंपा।

कारी जाकिर हुसैन ने इस पूरे मामले की साजिश का खुलासा करते हुए जांच की मांग करी है और उन्होंने कहा है कि जमीअत उलमा समस्त सामाजिक कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती है इसको मद्देनजर रखकर 1 नवंबर से 30 नवंबर तक जो वोट बनवाने काटने और करेक्शन कराने का कार्य चल रहा है।

कारी जाकिर हुसैन ने कहा है कि जमीयत मतदाता जागरूकता अभियान में पूरे प्रदेश भर में सहयोग कर रहे हैं। विभिन्न स्थानों पर वोट बनवाने के दौरान कुछ ऐसे तथ्य सामने आए हैं कि किसी व्यक्ति विशेष द्वारा सैकड़ों लोगों के बारे में झूठी आख्या दी गई है। कि लोग शिफ्ट हो गए हैं या मिसिंग है या मृत्यु हो गई है।

मुजफ्फरनगर के आजाद हाई स्कूल की भाग संख्या 29 पर सलमान हैदर नामक व्यक्ति ने 219 लोगों के बारे में झूठी आख्या दी और इन 219 लोगों के बारे में बोला कि इन्होंने शिफ्ट कर लिया है कुछ मिसिंग है और कुछ मर चुके हैं।

इसी प्रकार और अलग-अलग भाग संख्याओं से कुछ ऐसे ही लोगों ने झूठी रिपोर्ट देकर हजारों लोगों को मृत और शिफ्टेड बता कर उनका वोट कटवा दिया था। जमीयत कार्यकर्ताओं ने बीएलओ को साथ लेकर जब संबंधित क्षेत्रों में सर्वे किया तो उनमें से ज्यादातर लोगों ने अपने घर पर उपस्थित मिले और और जिन्हें मृत्यु दर्शाया गया था उनमें से ज्यादातर जीवित मिले। किसी व्यक्ति विशेष द्वारा बड़ी संख्या में लोगों के बारे में आख्या देना कहाँ तक उचित है यह जांच का विषय है।

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