कंगना रनौत के “भीख में मिली आजादी” बयान पर ओवैसी ने कहा अगर कोई मुस्लिम ये कहता तो यूपी पुलिस मार देती गोली

भारत को 2014 में आजादी मिलने वाले कंगना रनौत के बयान पर एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी जमकर बरसे। आईएमआईएम (AIMIM) अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने इसे मुसलमानों से जोड़ते हुए कहा कि अगर कोई मुस्लिम ऐसा कहता तो यूपी पुलिस गोली मार देती। ओवैसी ने अलीगढ़ में एक जनसभा के दौरान कहा कि एक मोहतरमा को हमारा सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिया गया, वो मोहतराम इंटरव्यू में कहती हैं कि भारत को 2014 में आजादी मिली, अगर किसी मुस्लिम ने ऐसा कहा होता तो उसपर यूएपीए लगा दिया गया होता और घुटने पर गोली मारकर उसे जेल में डाल दिया जाता।

बता दें कि कंगना रनौत ने एक टीवी प्रोग्राम में यह कहा था कि 1947 में मिली आजादी भीख थी और हमें असली आजादी 2014 में मिली। इस बयान का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था, जिसके बाद कंगना ने यह तक कहा कि अगर कोई यह साबित कर दे कि उन्होंने शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान किया है तो वह अपना पद्मश्री पुरस्कार वापस लौटा देंगी।कंगना के बयान पर तंज भरे अंदाज में ओवैसी कहते हैं, ‘वह क्वीन हैं और आप किंग लेकिन आप कुछ नहीं करेंगी। बाबा ने इंडिया-पाकिस्तान टी 20 मैच के बाद टिप्पणी करने वालों को देशद्रोह के आरोप में जेल में डालने की धमकी दी थी।’

इस दौरान ओवैसी ने योगी सरकार पर हमला करते हुए कहा कि पाकिस्तान की जीत का जश्न मनाने वालों को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चेतावनी देते हैं, लेकिन कंगना पर चुप रहते हैं। उन्होंने कहा- अगर हमारे मुंह से गलती से भी कुछ निकल जाता, किसी ने इंडिया-पाकिस्तान के मैच पर गलती से कुछ लिख दिया, तो बाबा ने कहा गद्दारी का इल्जाम लगाकर जेल में डाल दिया जाएगा। मैं उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री से पूछ रहा हूं, मैं देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूछ रहा हूं कि देश 1947 में आजाद हुआ कि 2014 में आजाद हुआ बताओ।

इसके बाद ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने सवाल किया कि क्या वे कंगना रनौत पर देशद्रोह का आरोप लगाएंगे? ओवैसी ने यह भी पूछा कि क्या देशद्रोह सिर्फ मुसलमानों के लिए है? बता दें कि दिल्ली महिला आयोग की चीफ स्वाति मालीवाल ने रविवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को चिट्ठी लिखकर कंगना रनौत के बयान को लेकर पद्मश्री पुरस्कार वापस लिए जाने की अपील की थी।

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