Tuesday, June 28, 2022

नोटबंदी के पूरे हुए 5 साल पर नवाब मलिक बोले मोदी जी बताएं किस चौराहे पर आना है, प्रियंका गांधी ने किये सवाल

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मोदी सरकार की तरफ से काले धन पर प्रहार करने के लिए पांच साल पहले नोटबंदी की फैसला किया गया था। प्रधानमंत्री मोदी ने 8 नवंबर 2016 की आधी रात को पांच सौ और एक हजार रुपये के नोटों को बंद करने का ऐलान किया था। इस फैसले का मुख्य मकसद देश में डिजिटल उद्देश्य को बढ़ाने के साथ ही काले धन पर रोक लगानी थी। एनसीपी नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नवाब मलिक ने एक ट्वीट में लिखा कि, मोदी जी ने 3 महीने मांगे थे, अब वही बता दें कि हमें किस चौराहे पर आना है?

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने नोटबंदी के पांच साल पूरे होने के मौके पर सोमवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा और सवाल किया कि अगर यह कदम सफल था तो फिर भ्रष्टाचार खत्म क्यों नहीं हुआ और आतंकवाद पर चोट क्यों नहीं हुई ? उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘अगर नोटबंदी सफल थी तो भ्रष्टाचार खत्म क्यों नहीं हुआ ? कालाधन वापस क्यों नहीं आया ? अर्थव्यवस्था कैशलेस क्यों नहीं हुई ? आतंकवाद पर चोट क्यों नहीं हुई ? महंगाई पर अंकुश क्यों नहीं लगा ?’

एनसीपी के वरिष्ठ नेता नवाब मलिक ने ट्वीट करते हुए कहा- आज नोटबंदी को 5 साल पूरे हो गए, ना कला धन वापस आया, ना भ्रष्टाचार कम हुआ और ना आतंकवाद बंद हुआ. मोदी जी ने 3 महीने मांगे थे, अब वह ही बता दे के हमें किस चौराहे पर आना है. गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ नवंबर, 2016 को नोटबंदी की घोषणा की थी. इसके तहत 1000 और 500 रुपये के नोट चलन से बाहर हो गए थे. फिर 2000 और 500 रुपये नये नोट जारी किए गए थे।

बता दें कि नोटबंदी के पांच साल बाद डिजिटल भुगतान में चलन तो बढ़ा है लेकिन इसके साथ-साथ नोटों की संख्या में भी लगातार वृद्धि हो रही है। हालांकि इस वृद्धि की रफ्तार पहले के मुकाबले जरूर कम है। भारतीय रिजर्व बैंक के ताजा आंकड़ों के मुताबिक 4 नवंबर, 2016 को मूल्य के हिसाब से 17.74 लाख करोड़ रुपये के नोट चलन में थे। यह 29 अक्तूबर, 2021 को बढ़कर 29.17 लाख करोड़ रुपये हो गए।

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