कांग्रेस में मुस्लिमों की अनदेखी, नेत्री नूरी खान ने दिया सभी पदों से इस्तीफ़ा

नूरी खान मध्य प्रदेश कांग्रेस की कद्दावर नेता है उन्होंने रविवार को अपना इस्तीफा दे दिया था। नूरी खान अपना इस्तीफा देने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट भी लिखा था जिसमें उन्होंने कांग्रेस पार्टी के ऊपर कुछ आरोप लगाए।

अपने पोस्ट में नूरी खान लिखती हैं कि, ‘कांग्रेस पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा.. कांग्रेस पार्टी में रहकर अल्पसंख्यक कार्यकर्ताओं एवं अपने लोगों को राजनैतिक एवं सामाजिक न्याय दिलाने में असहज महसूस कर रही हूँ भेदभाव की शिकार हो रही हूँ अतः अपने सारे पदों से आज इस्तीफ़ा दे रही हूँ।’

पोस्ट शेयर करने के थोड़ी ही देर बाद नूरी खान की कमलनाथ से मुलाकात होती है जिसके बाद वाह पार्टी में वापस लौट आती हैं और कहती है कि, ‘प्रदेश अध्यक्ष श्री @OfficeOfKNath जी से चर्चा कर मैंने अपनी सारी बात पार्टी के समक्ष रखी है 22 साल में पहली बार मैंने इस्तीफ़े की पेशकश की कही ना कही मेरे अंदर एक पीड़ा थी लेकिन कमलनाथ जी के नेतृत्व में विश्वास रख अपना इस्तीफ़ा वापस ले रही हूँ !’

आपको बता दें नूरी खान कौन है, उज्जैन की रहने वाली नूरी खान 22 सालों से कांग्रेस की सक्रिय सदस्य हैं। लंबे समय से पार्टी के लिए काम कर रही है। इस बार एमपी महिला कांग्रेस अध्यक्ष के लिए दावेदारी जता रही थी उनको उम्मीद थी कि पार्टी इस बार उन्हें जिम्मेदारी देगी।

लेकिन महिला कांग्रेस का अध्यक्ष किसी दूसरे को बना दिया गया और रिपोर्ट के मुताबिक नूरी ने इसी बात से नाराज होकर इस्तीफा दिया था। नूरी खान कांग्रेस के आंदोलनों में काफी एक्टिव रहती हैं। नूरी ने कोरोनावायरस की दूसरी लहर के चलते लोगों की बढ़-चढ़कर सेवा की थी।

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