नई दिल्ली | 8 नवम्बर को नोट बंदी की घोषणा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा था की अगले 50 दिनों तक आप बैंक जाकर 4000 रूपए रोजाना बदल सकते है. प्रधानमंत्री की इस घोषणा के बाद लोग बैंक में अपने नोट बदलवाने के लिए उमड़ पड़े. पुरे देश में, हर बैंक के सामने लम्बी लम्बी देखी गयी. कुछ लोग घंटो लाइन में लगने की वजह से अपनी जान भी गँवा बैठे.

बैंकों के सामने बढती कतारो से चिंतिंत मोदी सरकार ने नोट बदलने की राशी बढाकर 4500 कर दी. परसों आर्थिक मामलो के सचिव शशिकांत दास ने प्रेस वार्ता में कहा की अब केवल एक बार 4500 रूपए बदले जा सकेंगे, बाकी धन बैंक में जमा कराना होगा. अब कल सूचना मिली की नोट बदलने की राशी को 4500 से घटाकर 2000 कर दिया गया है.

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आपको यह जानकारी देने का यह मकसद है की हम आपको बताना चाहते है की सरकार कन्फ्यूजन में है की क्या किया जाए. अभी खबर आई है की कल बैंक में कोई भी नोट बदली का काम नही किया जाएगा. हालांकि बुजोर्गो को थोड़ी राहत दी गयी है. केवल बुजुर्ग ही शनिवार को नोट बदलवा सकते है. बैंक में बाकी सभी काम सुचारू रूप से चलेगा.

इंडियन बैंक एसोसिएशन के प्रमुख राजीव ऋषि ने जानकारी दी की कल केवल सीनियर सिटीजन को नोट बदलने की सुविधा दी जायेगी. राजीव ऋषि के अनुसार जब से सरकार ने नोट बदलवाने की ऊँगली पर स्याही लगाने का आदेश दिया है, बैंकों के सामने से कतारों में भीड़ कम हो गयी है. अनुमान है की कतारों में करीब 40 फीसदी की कमी आई है.

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