नई दिल्ली | तमिलनाडु में पीछे 15 दिन से चल रही राजनितिक अस्थिरता आज सुप्रीम कोर्ट के फैसले के साथ ही खत्म हो गयी. सुप्रीम कोर्ट ने शशिकला के मुख्यमंत्री बनने के सपने को तोड़ते हुए उन्हें आय से अधिक संपत्ति रखने के मामले में 4 साल की सजा सुनाई है. कोर्ट के फैसले के बाद शशिकला का राजनितिक करियर खत्म हो गया है. उन्हें अब साढ़े तीन साल जेल में बिताने होंगे.

मंगलवार को कर्णाटक सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने शशिकला को आय से अधिक संपत्ति रखने का दोषी पाया. दरसल जयललिता पर आरोप है की उन्होंने 1991 से 1996 के बीच मुख्यमंत्री रहते हुए 66 करोड़ रूपए संपत्ति बनाई. इसके अलावा शशिकला पर आरोप है की जयललिता ने शशिकला के साथ मिलकर 32 फर्जी कंपनी जिनका कोई बिज़नस नही था.

इसी मामले में ट्रायल कोर्ट ने जयललिता और शशिकला को 4 साल की सजा सुनाई थी. इसके अलावा दोनों पर 100 करोड़ रूपए का जुर्माना भी लगाया गया था. ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ जयललिता ने कर्नाटक हाई कोर्ट में अपील की. साल 2015 में हाई कोर्ट ने दोनों को इस आधार पर बरी कर दिया की उन्होंने संपत्ति खरीदने के लिए काले धन का इस्तेमाल नही किया. इसके अलावा कोर्ट ने यह भी कहा की जयललिता की संपत्ति आय से केवल 8 फीसदी ज्यादा है जो स्वीकार्य है.

हाई कोर्ट के फैसले को कर्णाटक सरकार ने सुप्रीम कोर्ट चुनौती दी. आज अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को बरक़रार रखते हुए शशिकला की 4 साल की सजा बरक़रार रखी. कोर्ट के आदेश के बाद शशिकला को ट्रायल कोर्ट में सरेंडर करना होगा. जहाँ से उनको जेल भेज दिया जाएगा. शशिकला पहले ही 6 महीने की सजा काट चुकी है इसलिए उन्हें साढ़े तीन साल जेल में बिताना होगा.


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