कोलकाता | हर साल देश में एक समय ऐसा आता है जब लकडियो की सुरक्षा को लेकर खूब बहस छिड़ती है. बड़े बड़े लोग अपनी अपनी राय देकर लडकियों को सिखाते है की उनको कैसा आचरण करना चाहिए और कैसे कपडे पहनने चाहिए. निर्भया केस हो या बंगलौर में नए साल के जश्न के दौरान हुई छेड़खानी की घटना. कुछ लोग इन मामलों के पीछे लडकियों के छोटे कपड़ो को जिम्मेदार मानते है.

कोलकाता के टीपू सुल्तान मस्जिद के शाही इमाम सैयद मोहम्मद नुरुर आर बरकाती ने भी मीडिया में यह कहकर विवाद पैदा कर दिया की अगर लडकियों को रेप और मर्डर से बचना है तो उन्हें छोटे कपने नही पहनने चाहिए. बरकाती का कहना है की लडकियों के छोटे कपने पहनने की वजह से लड़के उत्तेजित होते है. जिसकी वजह से रेप और मर्डर की वारदात होती है.

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एएनआई से बात करते हुए बरकाती ने कहा की देश की परम्परा के अनुसार लडकियों को आचरण करना चाहिए. हिंदुस्तान की संस्कृति के अनुसार लडकियों को पर्दे पर रहना चाहिए. पिछले कुछ सालो में देखा गया है की लडकिया छोटी स्कर्ट और खुली शर्ट पहनती है. हमारा मकसद लडकियों को उनकी पसंद के कपने पहनने से रोकना नही है लेकिन लडको की उत्तेजना से बचने के लिए लडकियों को ऐसे कपड़ो से परहेज करना चाहिए.

बरकाती ने हिन्दू और मुस्लिम, दोनों धर्म की लडकियों से आग्रह किया की वो शालीन कपडे पहने. बरकाती ने कहा की छोटे कपडे पहनने का नतीजा रेप और मर्डर के रूप में दिखता है. बरकाती का यह बयान नये विवाद को जन्म दे सकता है क्योकि इससे पहले समाजवादी पार्टी के नेता अबू आजमी ने कुछ इसी तरह का बयान दिया था जिसके बाद उन्हें काफी आलोचनाओ के सामना करना पड़ा.

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