नई दिल्ली | पिछले साल 9 फरवरी को जेएनयु में एक कार्यक्रम को आयोजित करने के आरोप में कन्हैया कुमार को गिरफ्तार किया गया. इस कार्यक्रम में भारत विरोधी नारे लगाए गए थे. कुछ लोग मुंह बांधकर कार्यक्रम में शामिल हुए और लेकर रहेंगे आजादी, अफजल तेरे कातिल जिन्दा है , भारत तेरे टुकड़े होंगे, जैसे नारे लगाए गए. इस दौरान वाम पंथी छात्र गुट और बीजेपी छात्र गुट के बीच झड़प भी हुई.

जेएनयु में भारत विरोधी नारे लगने की विडियो जैसे ही वायरल हुई, पुरे देश में इसको लेकर गुस्सा फ़ैल गया. इसके लिए तीन लोगो को जिम्मेदार माना गया. पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार, उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य. तीनो पर आरोप था की इन्होने अफजल की बरसी इस तरह के कार्यक्रम को यूनिवर्सिटी में आयोजित किया. मामले को तूल पकड़ता देख गृह मंत्रालय हरकत में आया और कन्हैया कुमार गिरफ्तार कर लिए गया.

दिल्ली पुलिस ने कन्हैया के ऊपर देश द्रोह की धारा लगाते हुए अदालत में पेश किया. कुछ दिनों बाद कन्हैया को जमानत पर रिहा कर दिया गया. हालाँकि नारे लगाने वाले किसी भी शख्स को दिल्ली पुलिस गिरफ्तार करने में नाकामयाब रही. अब इस मामले में नया ट्विस्ट आया है. खबर है की दिल्ली पुलिस की एक रिपोर्ट में कन्हैया कुमार के खिलाफ देशद्रोह के सबूत नही मिलने की बात कही गयी है.

हालाँकि यह रिपोर्ट मीडिया में आ चुकी है लेकिन कोई भी मीडिया हाउस इसको दिखाने की हिम्मत नही कर रहा है. अब इसी मामले को उठाते हुए मशहूर पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने ट्वीट कर उन मीडिया हाउस पर निशाना साधा है जो कन्हैया को लगातार देशद्रोही साबित करने में लगी थी. राजदीप सरदेसाई ने लिखा,’ अगर कन्हैया कुमार के उपर देश द्रोह का आरोप ख़त्म हो गया है तो क्या किसी में माफ़ी मांगने की हिम्मत है? या फिर उनकी देशभक्ति राजनीती उनको ऐसा करने की अनुमति नही देती’.


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