नई दिल्ली | देश के रक्षा मंत्री मनोहर परिकर को एक रैली के दौरान विवादित बयान देने के आरोप में चुनाव आयोग ने नोटिस जारी किया है. चुनाव आयोग ने परिकर के बयान को प्रथम दृष्टा आचार संहिता का उलंघन मानते हुए यह नोटिस जारी किया. इससे पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल को भी घुस वाले बयान पर चुनाव आयोग नोटिस जारी कर चूका है.

दरअसल गोवा की एक रैली के दौरान मनोहर परिकर ने कहा था की अगर कोई रैली आयोजित करता है और वो आपको 500 रूपए देकर रैली में चलने के लिए बोलता है तो इसमें कुछ भी गलत नही है. हाँ जब वोट देने का नंबर आये तो कमल के फूल वाला बटन ही दबाना है. परिकर का बयान काफी हद तक केजरीवाल के बयान से मेल खाता है जिसमे उन्होंने वोटर से कहा था की पैसे दोनों पार्टियों से ले लेना लेकिन वोट ‘आप’ को ही देना है.

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

परिकर पर आचार संहिता के उलंघन का आरोप लगाते हुए गोवा फॉरवर्ड पार्टी और अरविन्द केजरीवाल ने चुनाव आयोग को शिकायत की. इस पर कार्यवाही करते हुए चुनाव आयोग ने परिकर को नोटिस भेज, शुक्रवार दोपहर तक जवाब दाखिल करने के लिए कहा है. अगर परिकर जवाब दाखिल नही करते तो उन पर आगे की कार्यवाही की जायेगी. चुनाव आयोग ने परिकर के बयान को आचार संहिता का उलंघन माना है.

मालूम हो की दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने गोवा में ही एक रैली को संबोधित करते हुए कहा था की बीजेपी और कांग्रेस अगर आपको पैसे दे तो मना मत करना, ले लेना ,लेकिन वोट आम आदमी पार्टी को ही देना. केजरीवाल के बयान को चुनाव आयोग ने आचार संहिता का उलंघन मानते हुए फटकार लगाते हुए कहा था की अगर आप आगे से इस तरह के बयान देंगे तो हम आप और आपकी पार्टी की मान्यता रद्द कर देंगे.

Loading...