supremecourt-kdbf-621x414livemint

नई दिल्ली | जम्मू-कश्मीर की संप्रभुता पर प्रतिक्रिया देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है की जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है. इसके अलावा उसे कोई संप्रभुता हासिल नही है. सुप्रीम कोर्ट ने यह प्रतिक्रीय, जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट के उस फैसले के खिलाफ दी है जिसमे कश्मीर को एक संप्रभु राज्य बताया गया था. सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के इस फैसले को पलटते हुए कहा की जम्मू-कश्मीर भारत के संविधान के साथ बंधा हुआ है.

दरअसल जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट ने अपने एक निर्णय में कहा था की केंद्र संसद के पास राज्य से जुड़े कानून बनाने की पात्रता नही है. कश्मीर एक संप्रभु राज्य है. इसका संविधान भारत के संविधान के समतुल्य है. हाई कोर्ट की इस टिप्पणी से सुप्रीम कोर्ट इत्तेफाक नही रखती. सुप्रीम कोर्ट ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा की यह साफ़ है की जम्मू-कश्मीर को भारत के संविधान और उसके अपने संविधान के बाहर कोई संप्रभुता हासिल नही है. जम्मू-कश्मीर के लोगो पर दो संविधान लागू होते है.

सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस कुरियन जोसफ और आर नरीमन बेंच ने इस पर सुनवाई करते हुए कहा की जम्मू कश्मीर के नागरिको पर भारत और उनका खुद का संविधान लागु होता है. हम इसलिए इस तरह की टिप्पनी करने पर मजबूर हुए क्योकि हाई कोर्ट ने अपने फैसले में संप्रभुता का जिक्र किया था जिसका कोई अस्तित्व ही नही है. हम साफ़ कर देते है की जम्मू कश्मीर के नागरिक सबसे पहले भारतीय है.

हाई कोर्ट के भारत और जम्मू-कश्मीर के संविधान को बराबर बताने पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा की दोनों संविधान एक भी बात कहते है. भारत का संविधान और जम्मू कश्मीर का संविधान मानता है की भारत , राज्य से बना एक संघ है और कश्मीर इस संघ का अहम् हिस्सा है. इसलिए दोनों संविधानो में कोई टकराव जैसी बात ही नही है. मालूम हो की 1957 में जम्मू कश्मीर के संविधान की प्रस्तावना रखी गयी थी.


शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

Loading...

कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें