झारखण्ड में मॉब लिंचिंग से जान गयी तो सजा ए मौ’त

अक्सर मॉब लिंचिंग की घटनाएं देखने को मिलती है ओर कई जगहों पर इसके लिए सख्त कदम नहीं उठाये जाते है लेकिन इस मामले में झारखंड सरकार (Jharkhand Government) ने इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए एक बेहतरीन कदम उठाया है और इस मामले में ये सरकार बेहद गंभीर है.

झारखण्ड के सीएम हेमंत सोरेन ने इसके लिए झारखंड प्रिवेंशन ऑफ लिंचिंग बिल 2021 (Jharkhand Prevention of Lynching Bill 2021) का ड्राफ्ट (Draft) तैयार करवाया है. इस बिल के तहत अगर राज्य में मॉब लिंचिंग की वजह से किसी की मौ’त हो जाती है तो दोषियों को मौ’त की सजा (Dea’th Penalty) मिलेगी.

पिछले कुछ महीनों में झारखण्ड में मॉब लिंचिंग के कई मामले सामने आ चुके हैं. इस कारण CM हेमंत सोरेन (Hemant Soren) ने यह संकेत दिए थे कि अब सरकार इसके खिलाफ सख्त एक्शन लेने के मूड में है.

रिपोर्ट्स के आधार पर, इस ड्राफ्ट में मॉब लिंचिंग में किसी की अगर मौत’ हो जाती है तो दोषियों को मृत्यु’दंड देने का प्रावधान किया गया है. साथ ही 10 लाख रुपए का जुर्माना (Fine) भी लगाया जा सकता है. यदि मॉब लिंचिंग की घटना में किसी को चोट आती है तो दोषी को 3 वर्ष जेल की सज़ा होगी और इसके साथ ही 1 से 3 लाख रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है.

वहीं, अगर पीड़ित गंभीर रूप से घायल हुआ है तो इस स्थिति में दोषी को 10 वर्ष से लेकर उम्रकैद तक की सजा हो सकती है. इस बिल ड्राफ्ट को मंजूरी के लिए पहले होम डिपार्टमेंट भेजा जाएगा मंज़ूरी मिलने के बाद इसे कैबिनेट के सामने रखा जाएगा.

यही नहीं इस विधेयक के अनुसार लिंचिंग के लिए उकसाने या उसकी साजिश रचने वालो के खिलाफ भी सख्त कदम उठाये जाएंगे और उनके लिए भी सजा तैयार की गयी है इसमें स्‍पष्‍ट किया गया है कि लिंचिंग की साजिश रचने या फिर उकसाने के मामले में दोषी पाए गए व्यक्ति को उसी ढ़ंग से सजा दी जाएगी, जैसा लिंचिंग करने वाले अपराधी को. इसके साथ अगर कोई आरोपी को गिरफ्तारी से बचाने या फिर उसे किसी भी तरह की सहायता पहुंचाएगा तो इसके लिए 3 साल की सजा और 3 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है.

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