लखनऊ | उत्तर प्रदेश चुनावो में सबसे बड़ा मुद्दा बने पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया. उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए सरदर्द बन चुके गायत्री प्रजापति को लखनऊ से गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तारी के बाद अदालत में पेश हुए प्रजापति को कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया. मालूम हो की प्रजापति पिछले कई दिनों से फरार चल रहे थे.

उत्तर प्रदेश पुलिस के एडीजे (लॉ एंड आर्डर) दलजीत चौधरी ने प्रजापति की गिरफ़्तारी की पुष्टि करते हुए बताया की खुफिया रिपोर्ट के आधार पर प्रजापति को लखनऊ से गिरफ्तार किया गया. बुधवार सुबह हमें प्रजापति के बारे में इनपुट मिला की वो लखनऊ छिपे हुए है. इससे पहले नोयडा भी प्रजाति को गिरफ्तार करने का प्रयास किया गया लेकिन वो पुलिस को चकमा देकर फरार होने में सफल रहा.

गिरफ्तारी के बाद प्रजापति को अदालत में पेश किया गया. अदालत ने उन्हें 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया. गौरतलब है की एक पीडिता की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने गायत्री प्रजापति के खिलाफ गैंगरेप की धारा में ऍफ़आईआर दर्ज करने का आदेश दिया था. कोर्ट के आदेश के बावजूद प्रजापति को पुलिस ने गिरफ्तार नही किया. इस मुद्दे को प्रधानमंत्री मोदी ने चुनावी रैली में जोर शोर से उठाया.

मामला बढ़ता देख उत्तर प्रदेश पुलिस पर प्रजापति की गिरफ़्तारी का दबाव बना. लेकिन तब तक प्रजापति फरार हो चूका था. काफी मसक्कत के बाद बुधवार को प्रजापति को गिरफ्तार किया गया. प्रजापति के खिलाफ पुलिस ने धारा 376, 376डी, 511, 504, 506 और पॉक्सो एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की है. मालूम हो की पीडिता का आरोप था की 2014 में गायत्री प्रजापति के घर पर उनके साथ गैंगरेप किया गया. इसमें प्रजापति के अलावा उनके सहयोगी अशोक तिवारी, पिंटू सिंह, विकास शर्मा, चंद्रपाल, रूपेश और आशीष शुक्ला शामिल थे.

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