नई दिल्ली | खादी ग्रामोधोग के वार्षिक कैलेंडर पर राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की जगह प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर लगाने को लेकर मचे बवाल के बाद , केंद्र सरकार अब अपनी छवि सुधारने की दिशा में काम करती दिख रही है. इसी मुहीम के अंतर्गत केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को नोटिस देकर कहा है की वो महात्मा गाँधी की तस्वीर को किसी भी गन्दी जगह पर इस्तेमाल न करे.

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के आदेश के बाद केंद्र सरकार ने सभी राज्य सरकारों को आदेश दिया है की वो महात्मा गाँधी की तस्वीर , स्केच या लोगो ऐसी जगह इस्तेमाल न करे जो गन्दी हो. इसके अलावा सरकार ने गाँधी जी के चश्मे, चरखे और घडी की तस्वीर को किसी सार्वजानिक शौचालय की दीवार या कूड़ेदान पर लगाने पर भी रोक लगा दी है.

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में बदरुद्दीन कुरैशी नामक व्यक्ति ने इस मामले में एक याचिका दायर की थी.  बदरुद्दीन कुरैशी का कहना था की गन्दी जगहों पर राष्ट्रपिता की तस्वीर लगाना उनका अपमान है इसलिए इस पर रोक लगनी चाहिए. हालाँकि हाई कोर्ट ने इस याचिका को यह कहकर खारिज कर दिया की इससे राष्ट्रपिता का अपमान नही होता.

हालाँकि कोर्ट ने कहा की महात्मा गाँधी की तस्वीर का इस्तेमाल ऐसी जगह होना चाहिए जिससे वो जगह आसानी से गन्दी न हो सके या फिर उसको इस तरह से इस्तेमाल न किया जाये जिससे महात्मा गाँधी का अपमान हो. कोर्ट की टिप्पणी के बाद केंद्र सरकार ने यह नोटिस जारी किया. हालाँकि प्रधानमंत्री मोदी के स्वच्छ भारत अभियान के लोगो में भी महात्मा गाँधी के चश्मे का इस्तेमाल किया गया है.

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