अयोध्या | उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावो में अब एक महीने का समय भी नहीं बचा है , ऐसे में सभी राजनितिक दल अपने पक्ष में ज्यादा से ज्यादा समर्थन जुटाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे. चुनाव से पहले वो सभी मुद्दे भी धरातल पर उतरेंगे जो सालो से विवादित रहे है. इनमे सबसे बड़ा मुद्दा है, अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का. बीजेपी हर चुनावो में राम मंदिर मुद्दे को हवा देती है लेकिन इस बार के चुनावो में यह मुद्दा कही दिखाई नही दे रहा है.

हालांकि बीजेपी के कुछ नेता यदा कदा इस बारे में बयान देते रहते है. सुब्रमण्यम स्वामी ने कुछ दिन पहले ही बयान दिया था की राम मंदिर और हिंदुत्व के मुद्दे को उठाये बिना बीजेपी , उत्तर प्रदेश में चुनाव नही जीत सकती. अब अयोध्या में राम जन्मभूमि- बाबरी मस्जिद विवादित स्थल पर बने अस्थायी मंदिर के प्रमुख पुजारी ने भी इस बाबत बड़ा बयान दिया है.

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मंदिर के प्रमुख पुजारी आचार्य सत्येन्द्र दास ने मोदी सरकार को चेताते हुए कहा की अगर प्रधानमंत्री मोदी अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का वादा करते है तभी संत समाज बीजेपी को चुनावो में समर्थन करेगा. उन्होंने कहा की मोदी सरकार बने ढाई साल हो चुके है, सरकार बनने पर हमें उम्मीद थी अब मोदी जी राम मंदिर निर्माण का निर्णय लेंगे लेकिन ऐसा नही हुआ.

आचार्य सत्येन्द्र दास ने कहा की महंत और साधू भगवान् राम को मानते है इसलिए उनकी इच्छा है की अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो. इसके लिए मोदी जी को अयोध्या आना चाहिए और हमें गारंटी देनी चाहिए की उनके कार्यकाल में राम मंदिर का निर्माण होगा, तभी चुनावो में संत समाज का समर्थन बीजेपी को मिलेगा. अपने अनुयायियों की बात करते हुए दास ने कहा की तभी हम अपने अनुयायियों को बीजेपी के लिए वोट करने के लिए प्रेरित कर सकेंगे.

उधर अयोध्या स्थित रसिक निवास मंदिर के महंत रघुवर शरण ने बीजेपी नेताओ पर आरोप लगाया की उन्होंने अपने राजनैतिक करियर को ऊंचाई देने के लिए राम मंदिर का सहारा लिया. चाहे लाल कृष्ण आडवानी हो, मुरली मनोहर जोशी हो या विनय कटियार. आज सब सांसद बने बैठे है लेकिन किसी ने भी अभी तक संसद में राम मंदिर का मुद्दा उठाने तक की जहमत नही उठाई.

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