नई दिल्ली | बुधवार को बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बीजेपी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती समेत 13 आरोपियों के खिलाफ अपराधिक साजिश रचने के आरोप में केस चलाने की अनुमति दे दी. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद केन्द्रीय मंत्री उमा भारती ने प्रेस वार्ता बुलाकर कहा की जो भी हुआ वो सब खुल्लम खुल्ला था, इसमें साजिश कुछ नही थी.

अब कुछ इसी तरह का बयान बीजेपी के पूर्व सांसद डॉ रामविलास दास वेदांती का भी आया है. उन्होंने चौकाने वाला बयान देते हुए कहा की बाबरी मस्जिद का ढांचा मेरे कहने पर तोडा गया था. मैंने ही कारसेवको से ढांचे को तोड़ने के लिए कहा था. हालाँकि वेदांती ने इस पुरे मामले में लाल कृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी का बचाव किया.

उन्होने कहा की इन दोनों ने कारसेवको को काफी समझाने का प्रयास किया किया. वो उन्हें लगातार समझा रहे थे. लेकिन वेदांती ने विश्व हिन्दू परिषद् के अशोक सिंघल और महंत अवैद्यनाथ पर मामले में शामिल होने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा की महंत और अशोक सिंघल , दोनों इस मामले में शामिल थे. मालूम हो की खुद वेदांती बाबरी विध्वंस मामले में आरोपी है.

दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को आदेश दिया था की इस मामले की अब रोजाना सुनवाई की जाएगी. किसी भी सामान्य स्थिति में सुनवाई नही टाली जाएगी. इसके अलावा सुनवाई करने वाले जज का ट्रान्सफर नही किया जायेगा. पुरे मामले की सुनवाई दो साल में पूरी होगी और लखनऊ , रायबरेली में अलग अलग चल रहे दोनों मामलो की सुनवाई , एक जगह लखनऊ में होगी. सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद विपक्ष ने उमा भारती और कल्याण सिंह से नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देने की मांग की थी जिसको उमा भारती ने ठुकरा दिया था.

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