नई दिल्ली | पंजाब और गोवा में चुनाव प्रचार के दौरान अरविन्द केजरीवाल के दिए गए बयान उनके लिए मुसीबत का सबब बन गए है. अरविन्द केजरीवाल को चुनाव आयोग ने दोबारा ऐसे बयान ने देने की हिदायत देते हुए कहा की आप अपने बयानों में संयम बरते. हालाँकि केजरीवाल , चुनाव आयोग के फैसले से सहमत नही दिखे और उन्होंने इस फैसले को कोर्ट में चुनौती देने का फैसला किया है.

दरअसल 8 जनवरी को गोवा में हुई एक रैली में केजरीवाल ने लोगो को संबोधित करते हुए कहा था की अगर बीजेपी और कांग्रेस वालो में से कोई आपको पैसे देने आये तो मना मत करना. ये पैसे आपके ही है. अगर वो पैसे देने नही आते तो आप उनके ऑफिस जाकर पैसे की मांग करो. लेकिन जब वोट आम आदमी पार्टी को ही दे. केजरीवाल के इस बयान का संज्ञान लेते हुए चुनाव आयोग ने लोकल प्रशासन से उनके बयान की सीडी देने को कहा था.

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केजरीवाल ने इस तरह का बयान 16 जनवरी को भी दिया. तब उन्होंने लोगो को सलाह देते हुए कहा था की महंगाई का दौर है , 5000 की जगह 10000 लेना लेकिन वोट आम आदमी पार्टी को ही देना. केजरीवाल के बयान पर चुनाव आयोग ने उनको कारण बताओ नोटिस जारी कर उनसे स्पष्टीकरण माँगा. केजरीवाल के जवाब दाखिल करने के बाद , आज चुनाव आयोग ने अपना फैसला सुनाया.

अपने फैसले में चुनाव आयोग ने केजरीवाल को फटकार लगाते हुए कहा की आप ऐसे बयान दोबारा नही देंगे और आचार संहिता का उलंघन नही करेंगे. अगर आप दोबारा आचार संहिता का उलंघन करते हुए पाए जाते है तो चुनाव आयोग आपकी और आम आदमी पार्टी की मान्यता रद्द कर देगा. चुनाव आयोग के फैसले पर केजरीवाल ने ट्वीट कर नाराजगी जताई. उन्होंने कहा की निचली अदालत मेरे पक्ष में फैसला सुना चुकी है. EC ने इसे नजरंदाज किया. मैं नए आर्डर को कोर्ट में चुनौती दूंगा.

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