नई दिल्ली | दिल्ली के पूर्व उप राज्यपाल नजीब जंग और मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के बीच टकराव को कौन भूल सकता है. केजरीवाल सरकार के ज्यादातर फैसले को नजीब जंग ने पलट दिया या उसको अपनी मंजूरी नही दी. नजीब जंग के इस्तीफा देने के बाद अनिल बैजल दिल्ली के उपराज्यपाल बन चुके है. लेकिन ऐसा नही लगता की दिल्ली की राजनीती में कुछ बदलने वाला है.

दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल भी नजीब जंग की राह चलते दिख रहे है. खबर है की केजरीवाल सरकार की डीटीसी बसों के किराए को कम करने वाली फाइल को अनिल बैजल ने लौटा दिया है. बैजल ने डीटीसी को हो रहे घाटो का आधार बताकर फाइल लौटा दी. अनिल बैजल का कहना है की डीटीसी पहले से ही काफी घाटे में चल रही इसलिए सरकार को अपने इस फैसले पर एक बार फिर सोचना चाहिए.

दरअसल केजरीवाल सरकार ने दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए डीटीसी बसों का किराया कम करने का फैसला किया था. केजरीवाल सरकार का तर्क था की डीटीसी बसों का किराया कम होने की वजह से लोग अपनी प्राइवेट गाडिया छोड़कर पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने की और प्रेरित होंगे. जिससे प्रदूषण में कमी आने की सम्भावना है.

केजरीवाल सरकार ने डीटीसी की नॉन एसी बसों का किराया ₹5,10,15 की जगह सिर्फ 5 रुपये और एसी बस के लिए ₹10,15,20,25 की जगह केवल 10 रुपये करने का प्रस्ताव उपराज्यपाल के पास भेजा था. केजरीवाल सरकार ने केवल एक महीने के लिए यह प्रयोग करने का फैसला किया था. अगर यह सफल रहता तो इसको और आगे बढाया जा सकता था.

उपराज्यपाल द्वारा केजरीवाल सरकार के प्रस्ताव को वापिस करने के बाद आम आदमी पार्टी की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नही आई है. सूत्रों के अनुसार केजरीवाल सरकार फ़िलहाल नए उपराज्यपाल से कोई टकराव नही चाहती इसलिए बहुत सोच समझने के बाद ही कोई प्रतिक्रिया दी जायेगी.


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