नई दिल्ली | अंग्रेजी न्यूज़ चैनल ‘रिपब्लिक’ के चीफ एडिटर और मशहूर पत्रकार अर्नब गोस्वामी को सुनंद पुष्कर की मौत से जुडी खबर दिखाना महंगा पड़ गया है. दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्हें और उनके चैनल को फटकार लगाते हुए कहा की वो केवल इस मामले में तथ्यों के आधार पर ही खबर दिखा सकता है. यही नही कोर्ट ने चैनल को कांग्रेसी सांसद शशि थरूर की चुप्पी का भी सम्मान करने के लिए कहा है.

शुक्रवार को शशि थरूर की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने उपरोक्त बाते कही. उन्होंने अर्नब और रिपब्लिक को फटकार लगाते हुए कहा की आपको शशि थरूर की चुप्पी का सम्मान करना होगा. इसलिए चैनल उन्हें जबरन परेशान न करे. इसके अलावा कोर्ट ने चैनल को चेताते हुए कहा की रिपब्लिक को मिसरिपोर्टिंग करने से बचना चाहिए. इसके लिए न्यायमूर्ति मनमोहन ने चैनल को नोटिस भी जारी किया है.

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दरअसल शशि थरूर ने अर्नब और उनके चैनल पर दो करोड़ रूपए की मानहानि का मुकदमा किया हुआ है. शुक्रवार को इसी मामले में सुनवाई की गयी. शशि थरूर का आरोप है की रिपब्लिक जानबूझकर उनकी छवि को धूमिल करने पर लगा हुआ है. कोर्ट में शशि थरूर की तरफ से मशहूर वकील और कांग्रेसी नेता सलमान खुर्शीद पैरवी कर रहे है. उन्होंने अदालत से आग्रह किया की वो रिपब्लिक को निर्देश दे की वो अपनी रिपोर्टिंग में ‘सुनंदा पुष्कर हत्याकांड’ शब्द का इस्तेमाल न करे क्योकि यह अभी साबित नही हुआ है की उनकी हत्या हुई थी या फिर वो आत्महत्या थी.

इसके अलावा शशि थरूर का यह भी आरोप है की 29 मई को अर्नब के वकील ने आश्वासन दिया था की आगे उनकी छवि ख़राब करने की रिपोर्टिंग नही की जायेगी लेकिन इसके बावजूद चैनल उनकी छवि बदनाम करने में लगा हुआ है. हालाँकि रिपब्लिक के वकील संदीप सेठी ने कहा की चैनल केवल वास्तविक तथ्य और पुलिस रिपोर्ट ही दिखा रहा है. इस पर कोर्ट ने चैनल को गलत रिपोर्टिंग से बचने और केवल तथ्यों के आधार पर रिपोर्टिंग करने का आदेश दिया.

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