Thursday, September 23, 2021

 

 

 

दोबारा नीलाम होगा दाऊद का रेस्टोरेंट, पूरे पैसे नहीं जुटा पाए बालाकृष्णन

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मुंबई, दाऊद इब्राहिम के रेस्टोरेंट की दोबारा बोली लगाई जा सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पत्रकार बालाकृष्णन द्वारा पूरे पैसे नहीं जुटा पाने के कारण नीलामी प्रक्रिया को दोहराया जा सकता है।

अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के होटल रौनक अफरोज की सबसे ऊंची बोली लगाने वाले पूर्व पत्रकार बालाकृष्णन ने गुरूवार को आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में घोषणा की कि वह इस होटल को नहीं खरीद पाएंगे। उन्होंने कहा कि वह 4 करोड़ 28 लाख रूपए जुटा नहीं पाए। इसलिए उन्होंने इस होटल की नीलामी कराने वाली कंपनी को पत्र लिखकर कहा है कि वह नीलामी वाली रकम जमा नहीं कर पाए हैं। इस वजह से वह अपनी बोली वापस ले रहे हैं। बालाकृष्णन ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पत्र लिखकर अनुरोध करेंगे कि इस होटल को केंद्र सरकार अपने कब्जे में ले ले और उसमें कोई सरकारी या गैरसरकारी संस्था का दफ्तर खोल दिया जाए।

गौरतलब है कि बीते साल दिसम्बर महीने में मुंबई के एक होटल में दाऊद की बेनामी संपत्तियों की नीलामी की गई थी जिसमें से दक्षिण मुंबई के पाकमोडिया स्ट्रीट स्थित रौनक अफरोज होटल भी शामिल था। दाऊद का पुराना घर और उनके रिश्तेदार भी नागपाड़ा के इसी इलाके में रहते हैं। इस होटल के लिए बालाकृष्णन ने 4 करोड़ 28 लाख रूपए की बोली लगाई थी जबकि बोली लगाने में दूसरे नंबर पर दाऊद बोहरा ट्रस्ट था। नीलामी में हिस्सा लेने के लिए बालाकृष्णन ने 30 लाख रूपए जमा किए थे। अब बोली लगाकर पीछे हटने से बालाकृष्णन को 30 लाख रूपए का नुकसान होगा। यह रकम लौटाई नहीं जाएगी।

बालाकृष्णन ने कहा कि वह अपने एनजीओ देशसेवा समिति के लिए यह प्रॉपर्टी खरीदना चाहते थे ताकि वहां पर गरीब बच्चों को तालीम दी जा सके। लेकिन ऊंची बोली लगाकर जब वह कुछ पैसे वालों से आर्थिक मदद मांगी तो सबने दाऊद के डर से इनकार कर दिया। लेकिन कुछ गरीब लोगों की मदद से उन्हें 42 लाख रूपए मिले। इससे होटल को खरीदना संभव नहीं था। इसके अलावा दाऊद बोहरा ट्रस्ट से भी कहा कि वह इस प्राॠपर्टी को ले ले और उसमें अपना काम करें। लेकिन ट्रस्ट के लोगों ने भी यह प्रॉपर्टी लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद पैसे जमा करने के लिए नीलामी करने वाली कंपनी से एक महीने की मोहलत मांगी तो उसने भी मोहलत देने से इनकार कर दिया। पैसे जमा करने की आखिरी तारीख 7 जनवरी थी।

बालाकृष्णन ने यह स्पष्ट किया कि उन्होंने पैसे नहीं होने के बावजूद नीलामी में हिस्सा पब्लिसिटी के लिए नहीं लिया था बल्कि वह यह संदेश देना चाहते थे कि पाकिस्तान में बैठकर कोई डाॠन हिन्दुस्तान के लोगों को डरा नहीं सकता है। दाऊद के गुंडे छोटा शकील ने उन्हें नीलामी से हटने के लिए जान से मारने की धमकी दी थी। पु्लिस ने मुंब्रा से एक शूटर को भी गिरफ्तार किया है जिसने कबूल किया है कि उसे उन्हें मारने के लिए सुपारी दी गई थी। इस समय बालाकृष्णन पुलिस सुरक्षा में रहते हैं।

साभार http://www.livehindustan.com/

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