सौजन्य से : ANI
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लखनऊ | उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पदभार सँभालते ही कुछ अहम् फैसले लिए है. इनमे एंटी रोमियो स्क्वाड का गठन, किसानो की कर्ज मांफी, अवैध बूचडखानो पर रोक लगाना और रोजाना जनता दरबार के जरिये लोगो की समस्याए सुनने जैसे फैसले शामिल है. मुख्यमंत्री बनने के बाद से ही योगी रोजाना जनता की फरियाद सुन रहे है और उन पर त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए जा रहे है.

इसी वजह से योगी के जनता दरबार में भीड़ बढ़ रही है. इसलिए पुलिस ने मुख्यमंत्री आवास में कुछ खास इंतजाम किये है. लेकिन बुधवार को भीड़ इतनी बढ़ गयी की पुलिस के सारे इंतजाम धरे के धरे रह गए. बेकाबू भीड़ ने मुख्यमंत्री से मिलने आये कई दिव्यांगो को भी नही बख्सा. हालाँकि इस भगदड़ में किसी को भी गंभीर चोटे नही आयी है.

दरअसल बुधवार सुबह से ही 5 काली दास मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास पर काफी बड़ी संख्या में लोग अपनी फरियाद लेकर पहुंचने लगे थे. थोड़ी ही देर में ही वहां काफी भीड़ जमा हो गयी. जिसमे कुछ दिव्यांग भी शामिल थे. भीड़ को देखते हुए पुलिस ने सभी लोगो से लाइन लगाकर अन्दर जाने के लिए कहा. इसी दौरान वहां अफरा तफरी मच गयी और लोग बेकाबू होकर अन्दर आवास की तरफ भागने लगे.

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इस भगदड़ में मुख्यमंत्री से मिलने आये दिव्यांग नीचे गिर गये और भीड़ इनके ऊपर से गुजर गयी. इस भगदड़ में कुछ लोगो को मामूली चोटे आई है. हालाँकि बाद में स्थिति नियंत्रण में कर ली गयी. करीब तीन साल पहले कुछ ऐसा ही नजारा दिल्ली में देखने को मिला था. यहाँ भी पहली बार मुख्यमंत्री बने अरविन्द केजरीवाल के जनता दरबार में इतनी भीड़ पहुँच गयी थी की खुद केजरीवाल को सचिवालय की छत पर चढ़कर लोगो से घर वापिस लौट जाने की अपील करनी पड़ी थी.

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