नई दिल्ली | मंगलवार को राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेसी सांसदों ने नए नोटों की छपाई को लेकर मोदी सरकार पर हमला बोला. कांग्रेसी सांसदों का आरोप था की सरकार एक ही मूल्य के दो अलग अलग नोट छाप रही है. उन्होंने इसे नोटबंदी से जोड़ते हुए सदी का सबसे बड़ा स्कैम करार दिया. इस दौरान कई और विपक्षी दलों ने भी कांग्रेस का साथ देते हुए मोदी सरकार से इस्तीफा देने की मांग की.

मंगलवार को राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होती ही कांग्रेस सांसद कपिल सिब्बल ने एक फोटो कॉपी दिखाते हुए कहा की रिज़र्व बैंक एक ही मूल्य के दो अलग अलग नोट छाप रहा है. अलग अलग साइज़ के, अलग अलग फीचर्स के और अलग अलग डिजाईन के. आज हमें पता चल गया की आखिर नोट बंदी क्यों की गयी और ऐसा क्यों किया जा रहा है? ये वो ही नोट है जो बीजेपी कार्यकर्ताओ के पास इलेक्शन के दौरान आये थे.

सिब्बल के इस आरोप पर कांग्रेसी सांसदों ने शेम शेम के नारे लगाने शुरू कर दिए. इसके बाद विपक्ष नेता गुलाब नबी आजाद ने भी इसी सवाल पर सरकार को घेरते हुए कहा की यह सदी का सबसे बड़ा स्कैम है. दो अलग अलग नोट इसलिए छापे जा रहे है ताकि एक नोट सरकार चलाये और एक पार्टी. ऐसे भ्रष्ट सरकार को पांच मिनट भी सत्ता में रहने का अधिकार नही है.

जेडीयु नेता शरद यादव ने भी गुलाब नबी का समर्थन किया और मामले में सरकार से सफाई देने की मांग की. इस पर सत्ता पक्ष की और से केन्द्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने मोर्चा सँभालते हुए कहा की कांग्रेस हमेशा से भ्रष्ट लोगो को बचाती आई है. आप ऐसे बेबुनियाद आरोप न लगाये. इसके बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने विपक्ष पर शून्य काल के समय को बर्बाद करने का आरोप लगाया. उन्होंने विपक्ष के रवैये को गैर जिम्मेदाराना करार दिया.

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