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कोलकाता | नोट बंदी के बाद से ही विपक्ष बीजेपी पर आरोप लगा रहा है की यह एक बहुत बड़ा घोटाला है. विपक्ष का कहना है की बीजेपी ने नोट बंदी से पहले अपना सारा माल ठिकाने लगा दिया इसके बाद नोट बंदी का फैसला लिया गया. सबूत के तौर पे, कोलकाता के एक बैंक में नोट बंदी से ठीक पहले बीजेपी के खातो कई करोड़ रूपए जमा होना और नोट बंदी से पहले देश भर में बीजेपी और अमित शाह के नाम से जमीने खरीदना.

विपक्ष अपने आरोपों के पक्ष में इन्ही सबूतों को दिखाता है. हालाँकि बीजेपी इन सभी आरोपों से इनकार करते आई है. लेकिन कोलकाता से आई एक खबर बीजेपी के माथे पर शिकन ला सकती है. अभी अभी खबर मिली है की कोलकाता के बीजेपी नेता मनीष शर्मा को 33 लाख रूपए के साथ गिरफ्तार किया गया है .

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मिली जानकारी के अनुसार मनीष शर्मा को उतरी कोलकाता से गिरफ्तार किया गया. उनके साथ छह कोयला सप्लायर को भी गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने इन लोगो से भारी मात्रा में हथियार भी बरामद किये है. हैरानी की बात यह है की बरामद की गयी सारी रकम 2000 के नए नोटों में है.

पुलिस को शक है की मनीष शर्मा कालेधन को सफ़ेद करने के धंधे में लगा हुआ है. पुलिस को यह भी अंदेशा है की बरामद की गयी रकम इसी काम के लिए इस्तेमाल होने वाली थी. मनीष शर्मा के पकडे जाने के बाद विपक्ष बीजेपी पर और हमलावर हो सकता है. नोट बंदी को कालेधन के खिलाफ लड़ाई बता रही बीजेपी से विपक्ष पुछा सकता है की नोट बंदी कालेधन के खिलाफ लड़ाई है या कालेधन को सफ़ेद धन में बदलने के कारोबार को बढ़ावा देना है.

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