चेन्नई | तमिलनाडु में चल रहा सियासी खींचतान किसी करवट बैठता नही दिखाई दे रहा है. अभी तक राज्य में मुख्यमंत्री पद को लेकर संसय की स्थिति बनी हुई है. दोनों ही धडो ने राज्यपाल से मिलकर बहुमत होने का दावा किया है. ऐसे में राज्यपाल भी पेशोपेश में है की आखिर किस पक्ष को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करे. इस उहापोह में राज्यपाल ने अटोर्नी जनरल से सलाह मांगी है.

मिली जानकारी के अनुसार अटोर्नी जनरल ने राज्यपाल विधासागर को सलाह दी है की वो दोनों पक्षों को बहुमत साबित करने के लिए कह सकते है. तमिलनाडु विधानसभा में एक हफ्ते में बहुमत साबित कराया जा सकता है. उधर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट भी इस मामले में अपना फैसला दे सकता है. फ़िलहाल राज्यपाल विधासागर राव ने किसी भी धड़े को बहुमत साबित करने के लिए नही कहा है.

उधर AIADMK प्रमुख शशिकला ने आज विधायको से मुलाकात की. इसके बाद उन्होंने समर्थको को संबोधित करते हुए पन्नीरसेलवम पर पार्टी तोड़ने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा की मैं किसी से नही दरी, पिछले 33 सालो में पन्नीरसेलवम जैसे हजारो देखे है. वो पार्टी तोडना चाहते है लेकिन मैं ऐसा नही होने दूंगी. इस दौरान शशिकला ने जयललिता के निधन के बाद सीएम् पद नही सँभालने पर भी सफाई दी.

शशिकला ने कहा की जयललिता के निधन के बाद पन्नीरसेलवम ने मुझे खुद सीएम् बनने के लिए कहा था. लेकिन उस वक्त मेरी मनोस्थिति इस पद को सँभालने की नही थी. इसलिए मैंने उन्हें मना कर दिया. मेरे फैसले के बाद ही पन्नीरसेलवम मुख्यमंत्री बने. शशिकला ने सत्ता मिलने पर गरीबो के लिए वो सब बात करने की बात कही जो जयललिता ने किया. उन्होंने कहा की अम्मा सरकार पहले भी गरीबो की थी और आगे भी उन्ही के भले के लिए काम करेगी.


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