नई दिल्ली | नाबालिग लडकियों के यौन शोषण करने के मामले में, जेल में बंद आसाराम को सुप्रीम कोर्ट से कोई राहत नही मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने 11वी बार आसाराम की जमानत याचिका ख़ारिज करते हुए उन पर एक लाख रूपए का जुर्माना लगाने का आदेश दिया. इसके अलावा कोर्ट में फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट जमा करने पर भी सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम को फटकार लगाई.

सोमवार को आसाराम की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा की उनकी सेहत इतनी भी ख़राब नही है की उनको जमानत पर रिहा किया जाये. कोर्ट ने फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट जमा करने पर आसाराम को फटकार लगाते हुए उनके खिलाफ एक और एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया. कोर्ट ने सुनवाई को बेवजह लम्बा खींचने पर भी नाराजगी जताई गयी.

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इस दौरान कोर्ट ने कहा की इस बात को नजरअंदाज नही किया जा सकता की ट्रायल को बेवजह लम्बा खींचा जा रहा है. इस दौरान गवाहों पर हमले हो रहे है जिसमे दो लोगो को मौत हो चुकी है. आसाराम ने कोर्ट से मेडिकल इशू पर जमानत देने की गुहार लगाई थी. उन्होंने अपनी जमानत याचिका में कहा था की उनके शरीर में 12 तरह की बिमारी है जिसका इलाज केवल केरल आयुर्वेद के जरिये ही किया जा सकता है.

कोर्ट ने आसाराम की इस दलील को ख़ारिज कर दिया. यह 11वी बार था जब सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम की जमानत याचिका ख़ारिज की. इससे पहले भी आसाराम ने बीमारी का बहाना लेकर जमानत देने की मांग की थी. आसाराम की अपील पर कोर्ट ने एम्स में आसाराम की जांच करने का आदेश दिया था जिसमे आसाराम को किसी भी गंभीर बीमारी से ग्रषित नही पाया गया. इससे पहले आसाराम व्हील चेयर पर कोर्ट आते थे लेकिन आजकल वो पैदल चलकर कोर्ट पहुँच रहे है.

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