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नई दिल्ली | नोट बंदी का फैसला करते समय प्रधानमन्त्री मोदी ने कहा था की हमें कालेधन, फर्जी नोट और आतंकवाद को खत्म करने के लिए नोट बंदी जैसा कदम उठाना पड़ रहा है. सरकार के इस फैसले से अमीर लोगो को नींद नही आएगा जबकि गरीब चैन की नींद सो सकेगा. जिन लोगो के पास कालाधन है वो अब बच नही सकेगा. गोवा में मोदी जी ने कहा था की आजादी के बाद से अब तक की एक एक पाई का हिसाब लूँगा.

लेकिन लगता है मोदी जी ने यह बात कालाधन रखने वालो को नही बल्कि उन गरीब, मजदूर , किसान को कही जो नोट बंदी के बाद एक मुश्किल जिन्दगी जीने को मजबूर है. सरकार देश की आम जनता से पाई पाई का हिसाब ले रही है और उधोगपति अभी भी सरकार की कार्यवाही से अपने आप को बचाने में कामयाब हो रहे है. या फिर दुसरे शब्दों में कहे की उन पर कार्यवाही नही की जा रही. सरकार अभी तक एक भी बड़ी मछली पर कार्यवाही नही कर पायी है.

अब एक चौकाने वाली खबर मिली है की मशहूर आर्म्स डीलर संजय भंडारी भी विदेश भाग गया है. सूचना मिली है की संजय भंडारी करीब एक महीने पहले ही लन्दन चला गया. जांच एजेंसी इस बात से हैरान है की संजय कैसे बिना किसी जांच एजेंसी को बताये लन्दन भाग गया. इस मामले की जांच करने की जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस को सौपी गयी है. हालंकि अभी तक इस मामले में कोई सुराग हाथ नही लगा है.

उधर सूत्र बताते है की संजय भंडारी फर्जी आईडी के जरिये पहले नेपाल गया होगा और वहां से लन्दन. मालूम हो की संजय भंडारी एक विवादित आर्म्स डीलर है. 17 अक्टूबर को उसके खिलाफ ऑफिसियल सिक्रेट एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया. संजय भंडारी के घर जब छापा पड़ा तो उसके यहाँ से रक्षा मंत्रालय से सम्बंधित कई संवेदनशील दस्तावेज बरामद हुए.

संजय भंडारी इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी के दामाद रोबर्ट वाड्रा से बात करने के सिलसिले में सुर्खिया बटोर चुके है. संजय भंडारी ने आरोप लगाया था की लन्दन में उनकी वाड्रा के साथ मुलाकात हुई है. इस मुद्दे को बीजेपी ने खूब हवा दी थी और वाड्रा का संजय के साथ सम्बन्ध होने का आरोप लगाया था. मालूम हो की विजय माल्या भी बिना बताये लन्दन भाग गए थे.


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