सलाफी स्कॉलर जाकिर नाईक के खिलाफ दर्ज मनी लांड्रिंग मामले में नाइक के करीबी आमिर गजदर को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत में भेज दिया गया.

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार रात को कारवाई करते हुए गजदर को गिरफ्तार किया था. जिसके बाद गजदर को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया गया. न्यायाधीश पी आर भावके ने प्रवर्तन निदेशालय को 22 फरवरी तक उसकी हिरासत की मंजूर दे दी.

अधिकारी ने बताया कि गजदर को पूछताछ के लिए ईडी के दफ्तर में बुलाया गया था, लेकिन पूछताछ के दौरान वह सवालों का ठीक तरह से जवाब नहीं दे रहा था. असहयोग कर रहा था. लिहाजा उसे मनी लांड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार कर लिया गया.

प्रवर्तन निदेशालय ने आमिर गजदर की रिमांड मांगते हुए अदालत को बताया कि डॉ जाकिर नाइक की छह कंपनियों के वित्तीय लेनदेन की जांच हो रही है. जांच में पता चला कि आमिर ही पैसों का लेनदेन देखता था.हालांकि अपने पहले बयान में आमिर ने डॉ जाकिर नाइक के किसी भी कंपनी से किसी भी तरीके से सम्बन्ध होने से इंकार किया था.

लेकिन दूसरी बार जब एजेंसी ने उसे दस्तावेज दिखाए तब उसने माना लेकिन जांच में जरा भी सहयोग नहीं कर रहा. शुरू में आमिर ने डॉ जाकिर की कंपनियो में बतौर डायरेक्टर  कोई भी हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया था. यहां तक कि अपने दस्तखत को भी फर्जी बताया था.


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