विवादित सलाफी स्कॉलर जाकिर नाईक ने प्रवर्तन निदेशालय के समक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बयान दर्ज कराने की मांग की, जिसे ईडी ने खारिज कर दिया है. जाकिर को जल्द ही फिर समन किया जाएगा.

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय के समन पर जाकिर ने अपने वकील महेश मुले के मार्फत ईडी को पत्र लिखकर यह जानकारी दी कि वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपना बयान दर्ज कराना चाहते हैं. वे स्काइप या किसी भी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से अपना बयान देने को तैयार हैं. जाकिर नाइक ने ईडी की जांच में सहयोग देने की बात कही है.

ज़ाकिर का कहना है कि वो अनिवासी भारतीय हैं और पिछले कई महीने से विदेश में हैं और ईडी के सामने व्यक्तिगत रूप से हाजिर होने के लिए और भी कई महीने लग सकते हैं, इसलिए वो वीडियो लिंक के जरिये जांच में सहयोग करने को तैयार हैं.

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हालांकि जाकिर की इस अपील को प्रवर्तन निदेशालय ने खारिज कर दिया है और जल्द उन्हें अगला समन जारी किया जाएगा. दरअसल, मनीलांड्रिंग मामले में नाईक को दो फरवरी को समन जारी किया था. साथ ही नौ फरवरी को पेश होने को कहा गया था.

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने ज़ाकिर की संस्था इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन को प्रतिबंधित कर दिया है और उसके खिलाफ मामला भी दर्ज हो चुका है.

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