लखनऊ | पुरे देश में तीन तलाक को लेकर बहस छिड़ी हुई है. रविवार को प्रधानमंत्री मोदी ने इस समस्या के जल्द समाधान की बात कहकर इसको और हवा दे दी. मोदी के बयान के बाद बीजेपी ने इस मुद्दे को और जोर शोर से उठाने का फैसला किया है. सोमवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय रखते हुए कहा की एक देश में शादी विवाह के लिए भी एक ही कानून होना चाहिए.

लखनऊ में पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की 91वी जयंती के मौके पर उन पर लिखी किताब का विमोचन किया गया. इस मौके पर आयोजित हुए कार्यक्रम में बोलते हुए योगी आदित्यनाथ ने सामान नागरिक संहिता का समर्थन करते हुए कहा की देश की समस्या पर कुछ लोगो का मुंह बंद है. लेकिन ये लोग उसी तरह से अपराधी है जिस तरह महाभारत में द्रोपदी चीरहरण के दौरान सभा में मौन बैठे लोग अपराधी थे.

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योगी ने कहा की जब देश एक है तो कॉमन सिविल कोड क्यों नही? क्यों देश में शादी ब्याह के लिए एक कानून नही होने चाहिए? तीन तलाक एक बड़ी समस्या है. इसके जरिये मुस्लिम महिलाओं के साथ अन्याय किया जा रहा है. केवल लोक कल्याण सबका लक्ष्य होना चाहिए. खुद चंद्रशेखर भी सामान नागरिक संहिता के पक्ष में थे. हालाँकि प्रधानमंत्री मोदी और योगी अदित्यनाथ के ब्यान से सपा नेता आजम खान सहमत नही है.

न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बात करते हुए आजम खान ने तीन तलाक पर किसी भी तरह का कानून बनाने का पुरजोर विरोध किया. उन्होंने कहा की चाहे सरकार इस पर कोई भी कानून बना ले लेकिन मुस्लिम केवल शरियत के हिसाब से चलेंगे. तीन तलाक को लेकर देश भर में चल रही बहस के बीच आजम खान ने कहा की ज्यादातर लोग इसके बारे में जानते ही नही है. सच यह है की शरियत के खिलाफ चलने वाले लोगो का सामाजिक बहिष्कार कर दिया जाता है. इसलिए मुस्लिम शरियत के खिलाफ बने किसी भी कानून को नही मानेंगे.

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