लखनऊ | राम मंदिर को मुद्दा बनाकर राजनीती के सर्वोच्च शिखर पर पहुँचने वाली बीजेपी , हमेशा से इस मुद्ददे को लेकर विपक्ष के निशाने पर रही है. विपक्ष आरोप लगाता आया है की बीजेपी राम के नाम पर वोट बटोरती है लेकिन सत्ता में आने के बाद वो राम लला को भूल जाती है. राम मंदिर पर बीजेपी की आलोचना में एक नारा भी काफी प्रसिद्ध रहा है,’ राम कसम की खाते है, मंदिर वही बनायेंगे, लेकिन तारीख नही बताएँगे’.

लेकिन अब बीजेपी इस मामले में फ्रंट फूट पर खेलने पर विचार कर रही है. यही कारण है की उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बारे अयोध्या में दिवाली मनाने का फैसला किया है. बताया जा रहा है की इसके लिए सरयू नदी पर भव्य तरीके से तैयारी करने का आदेश दिया गया है. इस कार्यक्रम में योगी के अलावा राज्यपाल राम नाइक, सभी मंत्रीगण और प्रदेश के कई अधिकारी मौजूद रहेंगे.

पिछले हफ्ते ही मुख्यमंत्री कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस खबर की पुष्टि की है. माना जा रहा है की योगी इस कार्यक्रम के जरिये सन्देश देना चाह रहे है की वो राम मंदिर के मुद्दे पर गंभीर है. इस बात की पुष्टि उनके मंत्रिमंडल के एक मंत्री के बयान से भी होती है. उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने राम मंदिर निर्माण को लेकर एक बयान दिया है जिसमे उन्होंने बताया की राम मंदिर का निर्माण कब तक होगा.

न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बात करते हुए सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा की 2019 तक राम मंदिर का निर्माण हो जायेगा. उन्होंने कहा की स्वामी ब्रह्मा योगानंद जी ने भविष्यवाणी की थी कि मोदी जी प्रधानमंत्री बनेंगे और वह बन गए। स्वामी जी ने अब भविष्यणवाणी की है कि वर्ष 2019 के पहले अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनेगा. उन्होंने यह भी कहा कि बहुत सारे ऐसे लोग हैं जो पहले इसका विरोध करते थे लेकिन अब राम मंदिर का समर्थन कर रहे हैं.

मुस्लिम परिवार शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें

Loading...

विदेशों में धूम मचा रहा यह एंड्राइड गेम क्या आपने इनस्टॉल किया ?