लखनऊ | नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद विकलांगो को दिव्यांग कहने का चलन शुरू किया था. उसके बाद से विकलांग शब्द को हटाकर दिव्यांग शब्द का ही इस्तेमाल किया जाने लगा. वही उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री की शपथ लेने के बाद योगी अदित्यनाथ ने विकलांगो को सम्मान देने के लिए विभाग का नाम बदलकर दिव्यांगजन जन्शाक्तिकरण विभाग कर दिया.

जहाँ मोदी और योगी दिव्यांग को इतना सम्मान दे रहे है वही राज्य सरकार के मंत्री सरेआम एक दिव्यांग का अपमान करते दिखाई दे रहे है. हालाँकि खुद मुख्यमंत्री योगी ने अपने सभी मंत्रियो के लिए आचार संहिता जारी की हुई है और सभी मंत्रियो को हिदायत भी दी है की वो इस आचार संहिता का पालन करे. लेकिन फिर भी उनके मंत्री इसके उलट काम करते दिख जाते है.

दरअसल खादी और ग्रामोधोग मंत्री सत्यदेव पचौरी बुधवार को औचक निरिक्षण पर निकले थे. निरिक्षण के दौरान जब वो एक दफ्तर पहुंचे तो उन्हें वहां काफी गंदगी दिखाई दी. जिससे वो खफा हो गए और अधिकारियो को खूब खरी खरी सुनाई. दफ्तर पहुँचते ही उन्होंने सबसे पहले दफ्तर का गेट बंद करवा दिया. इसके बाद पुरे दफ्तर का निरिक्षण किया.

दफ्तर में फैली गंदगी देखकर मंत्री जी का पारा पहले ही चढ़ चुका था लेकिन जैसे उन्होंने एक दिव्यांग को सफाई करते देखा तो उनको और गुस्सा आ गया. उन्होंने दिव्यांग को बुलाकर पुछा की तुम यहाँ क्या कर रहे हो. तो उसने बताया की वो यहाँ सफाई कर्मचारी है. इस पर भड़कते हुए पचौरी ने अफसरों के सामने ही दिव्यांग का अपमान कर दिया. उन्होने कहा की ‘लूले-लंगड़े लोगों को संविदा पर रखा है, ये क्या सफाई कर पायेगा. तभी ऐसा हाल है यहां की सफाई का.’

इसके अलावा पचौरी ने अधिकारियो को भी खूब खरी खरी सुनाई. उन्होंने कहा की जहाँ प्रधानमंत्री ने पुरे देश में सफाई अभियान चलाया हुआ है वही तुम लोगो से सफाई भी करनी नहीं आती. मंत्री जी अधिकारियो को धमकाते हुए कहा की अगर शाम तक सफाई नही हुई तो सर पर रखकर कूड़ा उठवाएंगे. मालूम हो की योगी सरकार बनने के बाद उन्होंने सभी दफ्तरों में साफ़ सफाई रखने का आदेश दिया है.

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