लखनऊ | उत्तर प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद से ही इस बात के कयास लगाए जा रहे थे की जल्द ही प्रदेश के डीजीपी जावीद अहमद की छुट्टी हो सकती है. लेकिन सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था की वो अभी अफसरो के तबादलो के फेर में नही पड़ेंगे क्योकि तबादला करना किसी समस्या का हल नही है. काम इन्ही अफसरों को करना है.

उस समय योगी के इस कदम की काफी सराहना की गयी थी. चूँकि ज्यादातर सरकारे अपनी पसंद के प्रशासनिक अधिकारियो को जिम्मेदारी भरे पदों पर तैनात करती है इसलिए उनका यह फैसला चौकाने वाला भी था. लेकिन सरकार गठन के एक महीने बाद ही योगी सरकार ने पूर्वर्ती सरकारों की तरह प्रशासनिक अधिकारियो के तबादले करने शुरू कर दिए है.

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योगी सरकार ने प्रदेश के डीजीपी जावीद अहमद की जगह सुलखान सिंह को डीजीपी नियुक्त किया है. सुलखान सिंह 1979 बैच के प्रशासनिक अधिकारी है. वो इसी साल सितम्बर में रिटायर भी होने वाले है. जबकि जावीद अहमद को डीजीपी पीएसी का पदभार दिया गया है. इसके अलावा एडीजे लॉ एंड आर्डर दलजीत सिंह का भी तबादला कर दिया गया है. उनकी जगह आदित्य मिश्रा ने ली है. जबकि भवेश कुमार सिंह को एडीजी अभिसूचना की जिम्मेदारी सौपी गयी है.

बताते चले की जावीद अहमद की डीजीपी पद पर नियुक्ति के समय विपक्षी दलों ने आरोप लगाये थे की उनको केवल मुस्लिम एंगल की वजह से यह जिम्मेदारी सौपी गयी है. उनका यह भी आरोप था की अधिकारियो की वरिष्ठता सूची को दरनिकार कर जावीद अहमद की नियुक्ति की गयी. चुनाव के दौरान भी बीजेपी ने चुनाव आयोग से मांग की थी की जावीद अहमद को डीजीपी पद से हटाया जाए. लेकिन योगी सरकार का गठन होने के एक महीने बाद उनका ट्रान्सफर किया गया.

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