मुंबई: प्रियांशी गर्ग की हालिया प्रकाशित किताब इंक्रेडिबल वर्ल्ड को ब्रिलंट बुक में पैगंबर ए इस्लाम के फर्जी चित्र के प्रकाशन को लेकर रज़ा एकेडमी के तहफ्फुज ए नामुस ए रिसालत बोर्ड की एक आपातकालीन बैठक शुक्रवार को रज़ा एकेडमी के कार्यालय में हुई।

बैठक को संबोधित करते हुए रज़ा एकेडमी के प्रमुख अल्हाज मुहम्मद सईद नुरी ने बताया कि देश भर में मुसलमानों की भावनाओं के साथ किए जा रहे खिलवाड़ के क्रम में अब एक बाद फिर मुस्लिमों को जज़्बातों के साथ खेलने की नापाक कोशिश की गई। प्रियांशी गर्ग ने अपनी हालिया प्रकाशित किताब इंक्रेडिबल वर्ल्ड को ब्रिलंट बुक में पैगंबर ए इस्लाम के फर्जी चित्र का प्रकाशन मुसलमानों की भावनाओं को नुकसान पहुंचाया।

उन्होने बताया कि किताब के प्रकाशक और लेखक के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए एक लीगल टीम गठित कर दी गई है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को राज्य के स्कूलों में किताब को पढ़ाने से रोकने और किताबो को वापस लेकर नष्ट करने के लिए भी पत्र भी लिखा गया। जिसमे किताब के प्रकाशक और लेखक पर संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की भी मांग की गई। साथ ही इस सबंध में एक जन आंदोलन भी शुरू किया जाएगा।

सय्यद मोईन मियां ने किताब की सख्त आलोचना करते हुए कहा कि हम अपने आका की शान में गुस्ताखी हरगिज बर्दाश्त नहीं कर सकते। आका पर हमारी जान कुर्बान है। सबंधित लेखक और प्रकाशक को 48 घंटे का समय दिया जा रहा है। वह किताब को वापस लेकर माफी मांगे। अन्यथा रज़ा एकेडमी सख्त कानूनी कार्रवाई के लिए बाध्य होगी।

वरिष्ठ अधिवक्ता जावेद अख्तर खान और एडवोकेट याक़ब ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि जो लोग इस तरह के काल्पनिक स्केच बना रहे है वह शांति के दुश्मन हैं और दूसरे तरीके से माहौल खराब करना चाहते हैं। बैठक में हजरत मौलाना अब्बास रिजवी, कारी मुश्ताक तेगी, मौलाना इब्राहिम आसी, मौलाना अब्दुल रहीम मिस्बाही, मौलाना जफरुद्दीन रिजवी आदि मौजूद रहे।