yogi madarsa

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लखनऊ | उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के मदरसों को लेकर लिए गए कुछ फैसले काफी विवादों में रहे है. अभी हाल ही में स्वंत्रता दिवस के मौके पर योगी सरकार ने सभी मदरसों के लिए एक आदेश जारी किया था जिस पर सरकार की काफी किरकरी हुई थी. सरकार ने सभी मदरसों में झंडा फहराने, राष्ट्रगान गाने और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश जारी किये थे. बाद में कई मदरसा समितियों ने इस आदेश पर अपनी आपत्ति जताई थी.

इस आदेश पर विवाद थमा भी नही था की योगी सरकार ने 18 अगस्त को एक नया आदेश जारी कर दिया. सरकार ने 18 अगस्त को एक वेब पोर्टल जारी करके सभी मदरसों को अपनी डिटेल इस पोर्टल पर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. तब से अब तक काफी मदरसों ने अपनी डिटेल इस पोर्टल पर उपलब्ध करा दी है. लेकिन अभी भी काफी मदरसे ऐसे है जिसने अपनी जानकारी उपलब्ध नही करायी है.

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इस पोर्टल को जारी करते हुए सरकार ने कहा की मदरसों के संचालन में काफी अनियामितातो की शिकायत मिल रही थी. इसलिए मदरसों में शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने और अनियमितताओ को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया. सरकार ने सभी मदरसों को 15 सितम्बर तक प्रबन्ध समिति के सदस्यों, मदरसे में पढ़ाने वाले शिक्षकों, विद्यार्थियों इत्यादि की जानकारी  पोर्टल पर उपलब्ध कराने के आदेश दिये थे.

हालाँकि सरकार ने कई बार यह समयसीमा बढाई है लेकिन अभी भी करीब ढाई हजार मदरसों ने अपनी जानकारी उपलब्ध नही कराई है. चूँकि जानकारी उपलब्ध कराने की अंतिम तारीख गुजर चुकी है और सरकार ने और समय सीमा देने से भी इंकार कर दिया है इसलिए माना जा रहा है की योगी सरकार बहुत जल्द इन सभी मदरसों की मान्यता रद्द कर सकती है. मालूम हो की यूपी में करीब 19 हजार मदरसे है जिनमे से आंशिक अनुदान वाले लगभग 4,600 और 100 प्रतिशत अनुदान पाने वाले 560 मदरसे हैं.

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