Wednesday, June 23, 2021

 

 

 

डॉ कफील खान की रिहाई को योगी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती

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राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत डॉ. कफील खान की हिरासत को रद्द कर देने के हाईकोर्ट के एक सितंबर के फैसले को उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। उत्तर प्रदेश सरकार ने इस सबंध में सुप्रीम कोर्ट में एक विशेष अवकाश याचिका दायर भी कर दी है।

बता दें कि डा.कफील खान को भड़काऊ बयान मामले में एनएसए के तहत नजरबंद किया गया था। इस मामले में इलहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) से राहत मिलने के बाद डॉ.कफील को रिहा कर दिया गया था।

नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और एनआरसी (NRC) को लेकर भड़काऊ भाषण देने के आरोप में डॉ कफील खान को गिरफ्तार किया गया था। कफील खान की मां नुजहत परवीन की ओर से दायर एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका को पहली बार 1 जून, 2020 को इलाहाबाद हाईकोर्ट के समक्ष सूचीबद्ध किया गया था, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि हाईकोर्ट इस विषय के लिए एक ‘उचित मंच’ है।

1 सितंबर 2020 को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खान पर लगाए गए एनएसए को गलत बताते हुए हटाते हुए तुरंत रिहाई के आदेश दिए थे।  इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गोविंद माथुर और न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह की पीठ ने कफील को तत्काल रिहा करने के आदेश दिये थे।

सु्प्रीम कोर्ट में यूपी सरकार ने कहा है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डॉ कफील खान पर लगे आरोपों की पूरी समीक्षा नहीं की। आधिकारिक वेबसाइट से मिली जानकारी के अनुसार, 26 अक्टूबर को दायर याचिका स्टेट ऑफ यूपी और अन्य वी नुजहत परवीन (डॉ खान की मां) को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष सूचीबद्ध किए जाने की संभावना है।

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