Saturday, September 25, 2021

 

 

 

7 सितंबर, 2021 को देशभर में मनाया जाएगा यौमे ताजदार खत्म ए नबुवत: अल्हाज सईद नूरी

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अकोला: रविवार को अकोला-महाराष्ट्र में रजा अकादमी अकोला द्वारा खलीफा हजरत मुफ्ती ए आजम ग्रैंड और मुफ्ती हजरत मुफ्ती अब्दुल राशिद बरार के नेतृत्व में तहफ्फुज ए नामूस ए रिसालत और ताजदार ए खत्मे नबुवत कांफ्रेंस का आयोजन किया गया।

इस दौरान मुफ्ती बरार ने भारत और महाराष्ट्र सरकार से अपील की कि, तहफ्फुज ए नामूस ए रिसालत कानून पारित किया जाना चाहिए और हुजूर की शान में की जा रही गुस्ताखी बंद होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारी खानकाह पिछले चार सौ वर्षों से भारत में शांति और भाईचारगी का संदेश फैला रही है। देश में शांति और व्यवस्था के लिए यह कानून बनाना बहुत जरूरी है।

वहीं रज़ा एकेडमी के प्रमुख अल्हाज मुहम्मद सईद नूरी ने 1 सितंबर से 7 सितंबर तक देश भर में यौमे ताजदार खत्म ए नबुवत मनाने की घोषणा की। नूरी इसी उद्देश्य से महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों के साथ-साथ तहफ्फुज ए नामूस ए रिसालत कानून के लिए देश के कोने-कोने का दौरा कर रहे हैं।

नूरी साहिब ने कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि हम आपको इसका हिस्सा बनने के लिए कह रहे हैं हमारा अभियान जारी है। उन्होने कहा आप देख सकते हैं कि हर दिन सोशल मीडिया के माध्यम से सांप्रदायिक तत्व हुजूर की शान में अपमान कर रहे है और सरकार उनके महिमामंडन में जुटी है। हमने उसी बिल से उनका मुंह बंद कर दिया है। आज आपका उत्साह देखकर मुझे बहुत खुशी हो रही है, बस इतना ही मैं अनुमान लगा सकता हूं। आप सभी इस विधेयक को पारित होते देखना चाहते हैं।

इस बीच, रजा अकादमी के प्रवक्ता हजरत मौलाना मुहम्मद अब्बास रिजवी साहिब ने रज़ा एकेडमी और तहफ्फुज ए नामूस ए रिसालत बोर्ड के उद्देश्यों को समझाया। उन्होने कहा कि नूरी साहिब आपके बीच एक मिशन के तहत आए हैं। बिल को संसद से पारित कराना है। ताकि सांप्रदायिक तत्वों पर लगाम लग सके। अभी हम खामोश हैं और यह हमारे लिए बहुत दर्दनाक बात है।

उनके बाद जालना रजा अकादमी के अध्यक्ष मौलाना सैयद जमील रिज़वी ने अपने विचार व्यक्त किए और कहा कि हम सम्मान की सुरक्षा तक चुप नहीं रहेंगे। हज़रत अलहाज मुहम्मद सईद नूरी साहिब देश के विभिन्न हिस्सों का दौरा कर रहे हैं और इस मुद्दे के बारे में मुसलमानों में जागरूकता पैदा कर रहे हैं ताकि इस विधेयक को पारित कराया जा सके।

मौलाना ज़िक्रुल्ला रिज़वी ने अपने विशिष्ट स्वर और लहजे में कहा कि ईशनिंदा करने वालों का अपराध अक्षम्य है। सरकार को उन्हें सलाखों के पीछे डालना चाहिए ताकि हमारे देश में शांति का माहौल बना रहे। हम अलहज मुहम्मद सईद नूरी साहिब के साथ खड़े है। ये बिल को पास कराने के लिए जो संघर्ष कर रहे हैं वह एक अद्वितीय उपलब्धि है।

इस औरण हाजी शम्स तबरीज़, हाजी नईम, इमरान चौहान, मौलाना फ़िरोज़ रज़ा कादरी मौलाना गुलाम मुस्तफा रिजवी, मौलाना मुहम्मद आरिफ रजा मिस्बाही, मुफ्ती इस्माइल नईमी और अन्य भी मौजूद थे।

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