देवबंद के मौलाना और तंजीम उलेमा-ए-हिंद के प्रदेश अध्यक्ष नदीम उल वाजदी ने मुस्लिम महिलाओं के घर के बाहर नौकरी करना इस्लाम के खिलाफ बताया हैं.

वाजदी ने कहा है कि महिलाओं को नौकरी नहीं करना चाहिए, यह इस्लाम के खिलाफ है. इसकी बजाय उन्हें घर में रहकर घर के काम और बच्चों की परवरिश करनी चाहिए. अगर घर में कोई कमाने वाला हो तो महिला नौकरी ना करे और अगर कमाई के लिए जाना पड़े तो वो चेहरा ढककर काम करे.

मौलाना नदीम उल वाजदी का कहना है कि नौकरी करके घर का खर्च उठाने की जिम्मेदारी मर्दों की होती है. घर की औरतों को बाहर जाकर पैसा कमाने की जरूरत नहीं होती है. मौलाना वाजदी ने ये भी कहा कि औरतें सिर्फ एक ही सूरत में नौकरी कर सकती हैं, अगर घर में कोई मर्द ना हो.

मौलाना के अनुसार महिलाओं का काम घर और बच्चों की देखभाल का होता है. मौलाना के अनुसार जो मुस्लिम महिला शौहर के होते हुए भी नौकरी करती है वो इस्लाम के खिलाफ है.

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