भरतपुर। राजस्थान के भरतपुर शहर में अपना घर आश्रम में रह रही एक महिला शारदा देवी की 32वी बार कोरोना टेस्ट पॉज़िटिव आया है। पिछले पाँच महीनों में महिला की बुधवार को लगतार 32वीं जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।

जानकारी के अनुसार शारदा देवी के माता-पिता का निधन हो गया था। और ससुराल वालों ने भी घर से निकाल दिया था। उसके बाद महिला को अपना घर आश्रम में रखा गया। लेकिन जब भी उनका कोरोना टेस्ट किया गया, वह पॉज़िटिव पाई गई। शारदा का 17 बार RTPCR और 14 बार रैपिड एंटीजन टेस्ट हुआ है।

इस दौरान उन्हे एलोपैथी, आयुर्वेदिक व होम्योपैथी की दवा दी गई, लेकिन शारदा देवी को इन से कोई फायदा नहीं हुआ। अपना घर आश्रम के संचालक और अध्यक्ष डॉ. बीएम भारद्वाज का कहना है कि शारदा देवी को जब यहां लाया गया था तो उनका वजन काफी कम था। वे काफी बीमार थी। उनकी जांच कराई तो वे कोरोना पॉजिटिव मिली।

आश्रम में उनका ध्यान रखा गया तो वजन आठ किलो बढ़ गया। पहले 30 किलो उनका वजन था जो अब बढ़कर 38 किलो हो गया। संभतया यह देश का ऐसा पहला मामला होगा, जिसमें पांच माह से पीड़ित के कारोना रिपॉर्ट पॉजिटिव आ रही है। वे खुद को पूरी तरह से स्वस्थ महसूस कर रही है। उन्हें आश्रम में बनाए गए एक आइसोलेशन रूम में रखा गया है।

डॉक्टरों ने बताया कि शारदा की बॉडी में मौजूद कोरोना वायरस डिएक्टिवेट हो चुका है, लिहाजा उनके किसी को कोई खतरा नहीं है। हालांकि, किसी भी तरह के खतरे से बचने के लिए उन्हें आइसोलेशन में रखा गया है। शारदा देवी का खुद का कहना है कि मैं पूरी तरह से स्वस्थ हूं। आश्रम में 3046 लोग रह रहे हैं। इनमें 1728 महिलाएं हैं।