देश की तीसरी सबसे बड़ी आइटी फर्म विप्रो के मुखिया अजीम प्रेमजी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्मार्ट सिटी परियोजना को दिखावा करार देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के भरपूर जोर के बावजूद भी इस पर कोई खास अमल नहीं हो रहा हैं.

कंपनी के पुरस्कार वितरण कार्यक्रम में छात्रों से मुखातिब होते हुए उन्होंने कहा, स्मार्ट सिटी मिशन NDA सरकार का प्रमुख फ्लैगशिप प्रोग्राम है. इसके बावजूद जितनी चर्चा हुई, क्रियान्वयन उतना जोरदार नहीं रहा. मजी ने इस स्थिति को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि उनकी कंपनी ने स्मार्ट सिटी परियोजना के कार्यान्वयन के लिए सक्रिय भूमिका निभाई और सोल्यूशंस उपलब्ध कराने की बात कही हैं.

विप्रो के मुखिया ने ग्रामीण विकास पर खास जोर देने की बात कहते हुए कहा कि गांवों का विकास जमीनी स्तर पर होना चाहिए. इसमें स्थानीय लोगों को भागीदार बनाना होगा. उनकी कंपनी फसलों के पैटर्न को विस्तार देने के लिए किसानों की मदद कर रही है.

अपने स्कूल के दिनों की याद करते हुए विप्रो प्रमुख अजीम प्रेमजी ने कई बाते कहीं. प्रेमजी ने कहा कि बचपन में स्कूल के दिनों में वह बहुत शरारती थे इसलिये अक्सर उन्हें क्लास से बाहर कर दिया जाता था.

उन्होंने कहा,  मैं जब छोटा बच्चा था तो बहुत शरारती था. उन दिनों हमारे सिर पर और उल्टे हाथ पर पिटाई की जाती थी. हमें लंबा वक्त तक क्लास के बाहर घुटनों के बल बिताना पड़ता था. अब शायद इस तरह से बच्चों की पिटाई नहीं की जाती है लेकिन मैंने अपनी क्लास के बाहर इस तरह लंबा वक्त बिताया है. ’प्रेमजी ने विप्रो के 2016 अर्थियन अवार्डस के दौरान बच्चों के साथ बातचीत में अपने दिल की बातें साझा की.


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