देहरादून | पिछले कई दिनों से देवभूमि उत्तराखंड में शराब को लेकर हंगामा मचा हुआ है. पहाड़ से लेकर प्लेन तक सभी जगह महिलाए शराब के खिलाफ लामबंध होती दिख रही है. इस दौरान जगह जगह विरोध प्रदर्शन किये जा रहे है, शराब की दुकाने तोड़ी जा रही है और लगातार सरकार से मांग की जा रही है की वो प्रदेश में शराब पर प्रतिबंध लगाए.

लेकिन यह सब इतना आसान भी नहीं है. शराब से हर प्रदेश को काफी राजस्व की प्राप्ति होती है. वैसे भी उत्तराखंड के पास राजस्व हासिल करने के ज्यादा श्रोत नही है. इसलिए प्रदेश सरकार सभी पहुलुओ पर विचार कर आगे बढ़ना चाहती है. हालाँकि महिलाओं के विरोध प्रदर्शन से सरकार बेक फूट पर नजर आ रही है. लेकिन राजस्व के लालच को देखते हुए प्रदेश में पूर्ण शराब बंदी के असार नजर नही आ रहे है.

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लेकिन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने इस और थोड़े कदम बढाने का फैसला किया है. मिली जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री ने शराब की दुकानों को केवल छह घंटे खोलने का निर्देश दिया है. यही नही दुकानों के लिए समय भी निर्धारित कर दिया गया है. अब शराब की दुकाने पुरे प्रदेश में दोपहर के तीन बजे से लेकर रात के 9 बजे तक ही खुल पाएंगी. इसके बाद दुकानों को बंद करना होगा.

पहले यह माना जा रहा था की मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत, सरकार का एक महीना पूरा होने पर शराब बंदी की घोषणा कर सकते है. लेकिन उन्होंने इसको सीमित करते हुए शराब को समय के चक्र में बाँधने का फैसला किया. उड़ीसा में बीजेपी की राष्ट्रिय कार्यकरिणी की बैठक से लौटने के बाद त्रिवेन्द्र रावत ने इसकी घोषणा की. खबर है की रावत ने उड़ीसा में बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं से शराब बंदी को लेकर काफी देर बात की थी.

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