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बाइक एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाकर हजारों गरीबों की जान बचाने वाले करीमुल हक को देखकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी अपने प्रोटोकॉल तोड़ने को मजबूर हो गए. उन्होंने अपनी सुरक्षा की परवाह किये बिना करीमुल से सीधे मुलाकात की.

राष्ट्रपति भवन में आयोजित “एट होम” रिसेप्शन कार्यक्रम में पिछले साल के पद्म पुरस्कार विजेताओं सहित देश की तमाम हस्तियों को आमंत्रित किया गया था. इस कार्यक्रम में 10 आसियान देशों की सरकार के प्रमुखों के साथ पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, पूर्व उप प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सहित सभी केंद्रीय मंत्री मौजूद भी थे.

इसी दौरान पीएम मोदी बैरिकेडिंग से बाहर आए और उन्होंने करीमुल से उनका हालचाल जाना. इस दौरान करीमुल हक ने सेल्फी लेने के लिए मोबाइल बाहर निकाला लेकिन वे सेल्फी लेने की हिम्मत नहीं कर पाए. जिसके बाद मोदी ने खुद ही पूछ लिया कि क्या मैं सेल्फी ले सकता हूं ?

फिर मोदी ने करीमुल हक के हाथ से मोबाइल लेकर उनके साथ खुद सेल्फी ली. करीमुल हक के मुताबिक- ‘‘मैं प्रधानमंत्री मोदी के साथ सेल्फी लेना चाहता था, मगर मोबाइल फ्रेंडली न होने के कारण ले नहीं पा रहा था, जिस पर मोदी ने खुद मोबाइल लेकर सेल्फी ली.”

ध्यान रहे पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले के धालाबड़ी गांव के रहने वाले करीमुल हक आसपास के गांवों के लिए 24 घंटे फ्री एंबुलेंस सर्विस चलाते हैं. वे अपना घर चलाने के लिए चाय के बगान में काम करते हैं. इसके अलावा वे गांव के गरीब लोगों को बीमार होने पर मुफ्त में बाइक से भी अस्पताल पहुंचाते हैं.

इस समाजसेवा की भावना के चलते उन्हें 2017 में पद्मश्री पुरस्कार के लिए चुना गया था. इस सेवा से प्रभावित होकर एक बाइक कंपनी करीम को स्पेशल बाइक एंबुलेंस डिजाइन कर भी भेंट कर चुकी है.

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