owaisi

पिछले दिनों से असदुद्दीन ओवैसी का नोटबंदी को लेकर दिया बयान सुर्ख़ियों में छाया हुआ है, आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तिहादुल मुसलमीन (एआईएमआईएम) के नेता और सांसद असदउद्दीन ओवैसी ने कहा था की मुस्लिम क्षेत्रों में जानबूझकर कैश नही पहुचाया जा रहा है तथा इन इलाकों में करेंसी की बहुत कमी है.

यह बयान देने के बाद से ही मीडिया के एक तबके में बयान को लेकर उथल पुथल का माहौल है जहाँ कुछ लोगो का कहना है की परेशानी तो सभी को हो रही है चाहे वो हिन्दू हो या मुसलमान सिर्फ यह कहना की मुसलमानों को परेशानी है तो यह बिलकुल गलत होगा. वहीँ आज ओवैसी ने बीबीसी के फेसबुक लाइव प्रोग्राम में कहा की “मैं आरबीआई की रिपोर्ट, वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट के आधार पर दावे के साथ कह रहा हूँ कि मुसलमानों को जान-बूझकर बैंकिंग सिस्टम से अलग रखा गया है.”

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

इसके बाद उन्होंने एक ऐसी बात कह डाली जिससे मुसलमानों का एक बड़ा तबका उनके समर्थन में आगे आ सकता है, ओवैसी ने कहा की दलित नेता दलित की बात करते है, सिख नेता सिखों के अधिकारों की बात करते है, यादवों की बात पर एतराज नही लेकिन जब मैं हिन्दुस्तान के मुसलमानों की बात कर रहा हूँ तो पेट में दर्द क्यों हो रहा है”

जब ओवैसी से कहा गया कि वे परोक्ष रुप से भाजपा की मदद करते हैं क्योंकि उनके बयानों की वजह से भाजपा को ध्रुवीकरण का मौक़ा मिलता है, तो उन्होंने कहा, “भाजपा को उत्तर प्रदेश में 70 सीटें मिलीं, कश्मीर में पीडीपी-बीजेपी सरकार बनी, उसके लिए मैं ज़िम्मेदार हूँ? अगर किसी की भैंस दूध नहीं देगी तो मैं ज़िम्मेदार हूँ? कोई नेता शादी नहीं कर रहा तो मैं ज़िम्मेदार हूँ?”

Loading...