रामपुर । बुधवार को उत्तर प्रदेश में निकाय चुनाव के अंतिम चरण के लिए मतदान हो रहा है। अभी तक हुए दोनो चरण के मतदान के दौरान मतदाताओं को एक बड़ी समस्या से रूबरू होना पड़ा। दरअसल कई जगहों पर मतदाताओं का नाम मतदाता सूची से ग़ायब मिला। तीसरे चरण के मतदान के दौरान भी इस तरह की समस्याओं सामने आ रही है। आगरा, बरेली, रामपुर और मथुरा जिलो में हज़ारों मतदाताओं ने इस तरह की शिकायत की है।

यहाँ तक कि भाजपा सांसद साक्षी महाराज तक का नाम भी मतदाता सूची से ग़ायब मिला। अब ऐसी ही शिकायत समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आज़म खान की बहन ने की है। उन्होंने सार्वजनिक तौर पर इसे लोकतंत्र की हत्या क़रार दिया। आज़म खान की बहन निखत फलक ने इस पर रोष प्रकट करते हुए कहा की जब मैं वोट डालने के लिए बूथ पर गयी तो वहाँ मतदाता सूची में मेरा नाम नही था।

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फलक ने आगे कहा की पहचान दस्तावेज दिखाने के बावजूद मुझे वोट डालने से वंचित रखा गया। यह मेरा लोकतंत्रित अधिकार है। यह बिलकुल शर्मनाक है। मुझे ऐसा लग रहा है की मैं अपनी मातृभूमि में रहते हुए भी रोहिंग्या हो गयी हूँ। चुनाव आयोग से सवाल करते हुए उन्होंने कहा कि क्या ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि मैं एक बडे नेता (आजम खान) की बहन हो सकती हूं? मैं मुख्य निर्वाचन आयुक्त और स्थानीय अधिकारियों सहित सभी लोगों से पूछती हूं, क्या आप लोकतंत्र के कातिल नहीं हैं?

बताते चले की निकाय चुनावों के मतदान का आज आख़िरी चरण है। 1 दिसम्बर को नतीजे घोषित किए जाएँगे। भाजपा के लिए ये चुनाव काफ़ी अहम है। अगर इन चुनावों में भाजपा की हार होती है तो आने वाले लोकसभा चुनावों में विपक्षी दलो का मनोबर काफ़ी ऊँचा हो जाएगा। इसलिए इन चुनावो को योगी सरकार की परीक्षा के तौर पर भी देखा जा रहा है।

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