ठोस कचरा निस्‍तारण एवं प्रबंधन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की मोदी सरकार को कड़ी फटकार लगाई है. दरअसल केंद्र की और से 845 पेज का हलफनामा पेश किया गया. जिसे देख कोर्ट भड़क उठा. कोर्ट ने हलफनामें को लेकर कहा कि हम यहाँ कूड़ा जमा करने के लिए नहीं बैठे हुए.

जस्टिस मदन बी. लोकूर और दीपक गुप्ता की पीठ ने भारी-भरकम हलफनामा रिकॉर्ड पर लेने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा, यह स्वयं में ठोस कचरा है. इस तरह का हलफनामा दाखिल करने का कोई मतलब नहीं है जिसमें कुछ भी न हो.

पीठ ने केंद्र सरकार के वकील से कहा, आप क्या करने का प्रयास कर रहे हैं? आप हमें प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं? हम इससे प्रभावित नहीं हुए हैं. आप सब कुछ हमारे सामने डालना चाहते हैं. हम इसे स्वीकार नहीं करते. यह मत कीजिए.

कोर्ट ने हलफनामें को अस्वीकार करते हुए कहा, सरकार तीन सप्ताह में राज्यों से परामर्श करके बताए कि कचरा प्रबंधन नियम के तहत अब तक क्या काम हुए. एक चार्ट दाखिल कर कोर्ट को ब्योरा दें.

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