Sunday, September 19, 2021

 

 

 

हम भी बना सकते थे राफेल लेकिन सरकार को थी जल्‍द डिलीवरी: HAL प्रमुख

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हिंदुस्तान ऐयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के चेयरमैन आर माधवन ने बीते शुक्रवार को कहा कि एचएएल राफेल फाइटर जेट्स को बनाने में वह पूरी तरह से सक्षम है। लेकिन सरकार ने जल्द से जल्द उसे हासिल करने की आवश्यकता को देखते हुए 36 विमान खरीदने का सौदा किया गया।

माधवन ने कहा, यदि पहले की तरह 126 विमान बनाए जाने थे, तो कुछ यहां बनाए गए होंगे और अन्य खरीदे गए होंगे। लेकिन अगर अब वह 36 विमान खरीद चुके हैं, हमारे लिए इसे बनाने का कोई सवाल ही नहीं है। अब इसमें एचएएल शामिल नहीं है, मैं अभी टिप्पणी नहीं करना चाहता।

बता दें कि कांग्रेस ने नरेंद्र मोदी सरकार पर आरोप लगाया है कि फ्रेंच कंपनी दसॉल्ट एविएशन से राफेल फाइटर विमानों की डील में काफी ज्यादा रकम चुकाई गई है। कांग्रेस का दावा है कि यूपीए सरकार में हुई डील में राफेल विमानों की कीमत काफी कम रखी गई थी। उस समय कुल 126 राफेल विमानों के लिए डील की गई थी।

विपक्ष का सरकार पर यह भी आरोप है कि उसने विमान बनाने वाली सरकारी कंपनी एचएएल को नजरअंदाज करते हुए प्राइवेट कंपनी रिलायंस डिफेंस को डील में ऑफसेट पार्टनर बनाए जाने में मदद की है। कांग्रेस का कहना है कि टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के जरिए काफी सारे राफेल विमान एचएएल में बनाए जा सकते थे।

उधर, रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि विपक्षी पार्टी का अभियान “झूठ” पर आधारित था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लड़ाकू विमान सौदे को लेकर शीर्ष न्यायालय के फैसले को भी स्वीकार नहीं करना चाहती। झूठ के आधार पर अभियान चलाया गया, उच्चतम न्यायालय का फैसला आने तक झूठ पर आधारित अभियान चलता रहा। इसके बाद भी कांग्रेस उच्चतम न्यायालय का फैसला स्वीकार नहीं करना चाहती।

उन्होने कहा, क्या वे देश को ये जता रहे हैं कि वे उच्चतम न्यायालय से ऊपर हैं? लोगों को गुमराह करने के लिए प्रचार अभियान शुरू से ही कांग्रेस का रूख झूठ पर आधारित था और राफेल मुद्दे पर यह साबित हो गया।

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