दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज के मामले के सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश सेंट्रल शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी ने तबलीगी जमात के लोगों को कोरोना फिदायीन बताया था। लेकिन अब वह खुद ही कोरोना से संक्रमित पाए गए है। रिजवी की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव (positive) आने के बाद उन्होंने खुद को आइसोलेट कर लिया है।

रिजवी ने अपने कोरोना पॉजिटिव होने की सूचना ट्वीट करके देते हुए कहा है कि पिछले कुछ दिनों में जो भी लोग मेरे संपर्क में आए हो। वह अपनी कोरोना (Coronavirus) जांच कर लें। वह कहते हैं कि मेरे कोरोना पॉजिटिव होने से खुश मत होइए मैं जल्द ही फिर लौटकर आने वाला हूं।

वसीम रिजवी ने बताया कि रामपुर न्यायालय में उनके खिलाफ चल रहे एक मुकदमें के सिलसिले में वह बीती 15 सितंबर को रामपुर गए थे। रामपुर से वापसी के बाद उन्होंने खाली समय होने के कारण शौकियां खाना बनाना शुरू किया। इस दौरान उन्हे आभास हुआ कि उनको खाने के मसाले वगैरह की सुगंध नहीं महसूस हो रही है।

फिर उन्होंने और भी तरीके अपनाये और तेज महक वाला इत्र भी सूंघा लेकिन उन्हे महक नहीं आई तो अहसास हुआ कि उनकी सूंघने की ताकत पूरी तरह से गायब हो गई है। इसके बाद उन्होंने 15 सितंबर की शाम को ही चरक डायग्नोस्टिक सेंटर में अपनी कोरोना जांच कराई। 16 सितंबर को उनकी जांच रिपोर्ट पाजिटिव आई है। उनका कोरोना वायरस लोड़ 25 है।

बता दें कि तबलीगी जमात मामले में रिजवी ने देश के खिलाफ एक साजिश का आरोप लगाते हुए कहा था कि जमात भारत में वायरस फैलाकर एक लाख से अधिक लोगों को मारने की साजिश रची थी। उन्होंने कहा, यह मोदी सरकार को परेशान करने के लिए प्लान बनाया गया था। रिजवी ने यह भी कहा कि कट्टरपंथी इस्लामवादी जाकिर नाइक की देश में कोरोनोवायरस फैलाने के लिए जमात की साजिश में शामिल होने की एक अलग संभावना है।

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