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हादिया उर्फ अखिला अशोकन और शफिन जहाँ के विवाह को लव जिहाद के रूप में प्रचारित कर इस रिश्तें को तोड़ने के लिए दक्षिणपंथियों ने हर मुमकिन कोशिश की. लेकिन वे अपने नापाक मंसूबों में कामयाब नहीं हो सके.

देश की सर्व्वोच अदालत द्वारा अपनी शादी बहाल किए जाने पर हादिया ने सोमवार को अपनी खुशी का इजहार किया. इस मौके पर उन्होंने कहा, लंबी लड़ाई के बाद उसे न्याय मिला और इस लड़ाई में उसका साथ देने वाले सभी लोगों को वह धन्यवाद देती है.

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हादिया ने कहा कि वह मुसलमान के रूप में जीवन बिताना चाहती थीं, इसीलिए उसने शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया. हादिया ने अपने परिवार वालों पर आरोप लगाया कि उनके घरवालों ने उन्हें घर में बंद कर काफी प्रताड़ित किया था जिसके चलते वे बेहद तनाव में थीं.

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हादिया ने कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बेहद खुश हैं. उन्होंने कहा, ‘मुझे घर में बंद कर दिया गया था, इसलिए मुझे कुछ भी पता नहीं था. बाहर निकली तो पता चला कि कितने लोग मेरे लिए काम कर रहे हैं. मैं उन सभी लोगों को धन्यवाद देना चाहती हूं जिन्होंने मेरी स्वतंत्रता के लिए लड़ाई लड़ी. मैं अपने स्वतंत्रता के लिए लड़ाई लड़ रही थी, इसीलिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया.’

उन्होंने कहा, ‘मैं किसी के ऊपर भी आरोप नहीं लगाना चाहती हूं. मेरे दो साल केवल कानूनी लड़ाई लड़ने में बीत गए. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने मुझे अपने पति से मिलने की अनुमति दी. अतत: मुझे न्याय मिला.’ उन्होंने कहा, ‘संविधान उन्हें अपना पति चुनने की अनुमति देता है लेकिन मुझे अपने ही घर में बंद कर दिया गया.’ हादिया ने कहा, ‘मुझे 100 फीसदी विश्वास है कि मैंने कोई गलती नहीं की लेकिन मुझे घर में कैद कर दिया गया जो इस देश में नहीं होना चाहिए.’

हादिया ने कहा कि वह दो कारणों से सुप्रीम कोर्ट गईं. पहला कारण था कि वह एक मुसलमान के रूप में जीवन बिताना चाहती हैं और दूसरा कारण यह था कि वह अपने पार्टनर के साथ रहना चाहती थीं. हादिया ने कहा, ‘अब जब भी मैं घर में रुकती हूं अच्छा लगता है. मैं कोर्ट के फैसले के बेहद खुश हूं.

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