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जम्मू कश्मीर के पुलवामा स्थित कोर्ट कॉपलेक्स में आतंकियों द्वारा किए गए पुलिस पर हमला में दोनों कांस्टेबल शहीद हो गए। इसके साथ ही राफियाबाद के मंजूर अहमद मल्ला घायल हैं। उन्हे श्रीनगर के 92 बेस अस्पताल इलाज के लिए भर्ती कराया गया।

कांस्टेबल गुलाम हसन वगाय और गुलाम रसूल लोन ने अपने बच्चों से वादा किया था कि इस बार वो ईद पर जरूर घर आएंगे। लेकिन दोनों के शव तिरंगे में लिपटे हुए घर पहुंचे।

हसन वगाय के बेटे का वीडियो काफी शेयर किया जा रहा है जिसमें वो अपने पिता से बार-बार पूछ रहे हैं कि क्यों उन्होंने अपना वादा तोड़ा? ‘आपने अपना वादा क्यों तोड़ा पापा? आपने क्यों हमें अकेला छोड़ दिया? क्या आपने नहीं कहा था कि आप ईद पर घर आएंगे?

people offer funeral prayers for ghulam hassan wagay during his funeral at wohlutra village in north kashmir's baramulla district
People offer funeral prayers for Ghulam Hassan Wagay, a policeman who according to local media was killed in a militant attack in south Kashmir’s Pulwama district on Monday night, during his funeral at Wohlutra village in north Kashmir’s Baramulla district, June 12, 2018. REUTERS/Danish Ismail

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शहीद कांस्टेबल वगाय के बेटे की हालत देख कर वहां खड़ा हर शख्स रो पड़ा। हर कोई उसे संभालने की कोशिश कर रहा था, लेकिन बेटे को अपने पिता की फिक्र थी। वो अपने पिता से बार-बार पूछ रहा था, ‘क्या आपकी गर्दन दुख रही हैं? मैं मसाज कर देता हूं।’ वगाय के परिवार में अब बस पत्नी और तीन बेटे बचे हैं। उनका सबसे बड़ा बेटा 22 साल का, दूसरा 19 और सबसे छोटा 13 साल का है।

वहीं दूसरी और रसूल लोन भी ईद पर अपने घर आने वाले थे, उनके घर पर भी मातम पसरा हुआ है। लोन के परिवार में उनकी पत्नी, 12 साल का बेटा और 9 साल की बेटी है। लोन के रिश्तेदार मोहम्मद युसुफ ने बताया, ‘उन्होंने एक शाम पहले मुझे फोन किया था और कहा था कि बच्चों को तैयार रखना, मैं उन्हें घर ले जाउंगा, लेकिन किसे पता था कि अगली सुबह ये देखना पड़ेगा।

बारामूला के एसपी इम्तियाज हुसैन ने ट्वीट कर दोनों की मौत पर शोक व्यक्त करते हुए लिखा, ‘पुलिसवालों के लिए ऐसा कम ही होता है कि वो ईद या दीवाली पर घर जा सकें, लेकिन इन पुलिसवालों को ईद पर बैग में घर जाना पड़ा। बहुत दुखद है।’

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