मध्य प्रदेश विधानसभा की सभी 230 सीटों और मिजोरम विधानसभा चुनाव के लिए बुधवार सुबह आठ बजे से मतदान शुरू हो चुका है।

मध्य प्रदेश में सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक और बालाघाट जिले के तीन नक्सल प्रभावित विधानसभा क्षेत्रों परसवाड़ा, बैहर एवं लांजी में सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक मतदान का समय निर्धारित किया गया है और बालाघाट जिले के तीन नक्सल प्रभावित विधानसभा क्षेत्रों परसवाड़ा, बैहर एवं लांजी में सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक मतदान का समय निर्धारित किया गया है। कुल 5,04,95,251 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे जिनमें 2,63,01,300 पुरुष, 24130390 महिलाएं और 1389 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। इनमें से 65,000 सर्विस मतदाता डाक मतपत्र से पहले ही मतदान कर चुके हैं। इस चुनाव के लिए 1,094 निर्दलीय उम्मीदवारों सहित कुल 2,899 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें से 2,644 पुरूष, 250 महिलाएं एवं पांच ट्रांसजेंडर शामिल हैं।

पूरे राज्य में 65,367 मतदान केंद्र बनाये गए हैं। इनमें से 17,000 मतदान केन्द्र संवेदनशील घोषित किये गये हैं, जहां केन्द्रीय पुलिस बल और वेवकास्टिंग के साथ माइक्रो पर्यवेक्षक भी तैनात किये गये हैं। सभी मतदान केन्द्रों पर मतदान के लिये ईवीएम के साथ वीवीपैट का इस्तेमाल होगा। कुल 1.80 लाख सुरक्षाकर्मी तैनात किये गये हैं, जिनमें केन्द्रीय और राज्य के सुरक्षाकर्मी शामिल हैं।

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मध्य प्रदेश में इस बार भी मुख्य रूप से भाजपा एवं कांग्रेस के बीच मुकाबला होने की उम्मीद है। प्रदेश में पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रही आम आदमी पार्टी (आप) का दावा है कि वह दिल्ली वाली अपनी सफलता को राज्य में दोहराएगी, जहां 2015 के विधानसभा चुनाव में उसने कांग्रेस और भाजपा का सूपड़ा साफ कर दिया था। भाजपा ने सभी 230 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि कांग्रेस ने 229 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे हैं और एक सीट अपने सहयोगी शरद यादव के लोकतांत्रिक जनता दल के लिये छोड़ी है। आप 208 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, बसपा 227, शिवसेना 81 और सपा 52 सीटों पर चुनावी मैदान में है।

मिजोरम विधानसभा चुनाव

मिजोरम विधानसभा चुनाव के लिए बुधवार सुबह मतदान शुरू हो चुका है। सुबह नौ बजे तक 15 फीसद मतदान हो चुका है। इसमें राज्य के 7.70 लाख से अधिक मतदाता 209 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे। राज्य में मुख्यमंत्री लल थनहवला तीसरे बार मुख्यमंत्री बनने के लिए जबकि भाजपा पूर्वोत्तर के आखिरी गढ़ में कांग्रेस को शिकस्त देने के लिए जोर आजमाइश में लगी है। 1987 में एक पूर्ण राज्य का दर्जा मिलने के बाद से मिजोरम में कांग्रेस और मिजोरम नेशनल पार्टी (एमएनएफ) सत्ता में है।

दिलचस्प यह है कि तब से लेकर आज तक कोई भी पार्टी राज्य में दो बार से अधिक सरकार नहीं बना सकी है। मिजोरम में 40 सदस्यीय विधानसभा का चुनाव भाजपा के लिए बेहद अहम है। पूर्वोत्तर का यह एकमात्र राज्य है जहां भाजपा की सरकार नहीं है। राज्य की आबादी करीब 10 लाख है। 2013 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 34 सीटों पर जीत दर्ज की थी जबकि मुख्य विपक्षी मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) के खाते में पांच और मिजोरम पीपुल्स कांफ्रेंस की झोली में एक सीट आई थी। कांग्रेस और मुख्य विपक्षी एमएनएफ ने 40-40 सीटों पर अपने प्रत्याशी खड़े किए हैं जबकि भाजपा 39 सीटों पर मैदान में है।

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