राज्यसभा की आचार समिति द्वारा निष्कासन की सिफारिश करने से एक दिन पूर्व ही विजय माल्या ने सोमवार को इस्तीफा दे दिया। उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी को लिखे अपने इस्तीफे में माल्या ने कहा है कि वह नहीं चाहते कि उनके नाम और छवि की और अधिक मिट्टी पलीद हो।

उन्होंने पत्र में आगे लिखा कि, ‘…और चूंकि हालिया घटनाक्रम से जाहिर होता है कि मुझे निष्पक्ष सुनवाई या न्याय नहीं मिलेगा, इसलिए मैं राज्यसभा की सदस्यता से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा देता हूं।’ उन्होंने राज्यसभा की आचार समिति के अध्यक्ष कर्ण सिंह द्वारा उन्हें लिखे गए पत्र का भी जिक्र किया और कहा कि उन्होंने सिंह को जवाब दे दिया है।