पाकिस्तान मूल के कैनिडाई लेखक तारिक फतह ‘जी मीडिया’ पर प्रसारित होने वाले शो ‘फतह का फतवा’ पेश करते हैं. इस शो के जरिये उन पर इस्लाम धर्म और मुस्लिमों की धार्मिक भावनाओं सहित देश की बहुसंख्यक समुदाय को मुस्लिम समुदाय के खिलाफ भडकाने के भी आरोल लगते रहे हैं. उनके और उनके शो के खिलाफ कोर्ट तक का दरवाजा खटखटाया जा चुका है.

हाल ही में दिल्ली में रेख्ता फाउंडेशन की तरफ से तीन दिवसीय समारोह जश्न-ए-रेख्ता के अंतिम दिन समारोह में शामिल होने पहुंचे फतह को बड़े पैमाने पर विरोध का सामना करना पड़ा. बड़ते विरोध के कारण फतेह लोटने को मजबूर हो गए. लोगों ने एकजुट होकर फतह का विरोध किया, साथ ही जमकर नारेबाज़ी भी की. जिसका प्रणाम ये हुआ के पुलिस को वहां उन्हें ले जाना पड़ा.

याद रहें दिल्ली के वकील हिफज़ुर रहमान खान की और से फतेह के कार्यक्रम “फतेह का फतवा” के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में कार्यक्रम को बंद करने के लिए याचिका दायर की गई हैं. दायर याचिका में ज़ी न्यूज़ के इस प्रोग्राम को इस्लाम धर्म और उसकी पाक किताब कुरान और हदीस पर कीचड़ उछालने वाला बताया गया.

याचिका में कहा गया कि तारिक फतेह के इस विवादित कार्यक्रम में मदरसों, इस्लामी किताबों, औलिया अल्लाह को निशाना बनाकर उनका अपमान किया जा रहा हैं. याचिका में इस्लामी खलीफा सैयदना उमर बिन खत्ताब (रह.) के अपमान की भी बात कही गई.

3 दिन से चल रहे ऊर्दू के फेस्टिवल जिसका नाम Jashn E Rekhta है। जिसका आज अंतिम दिन था मगर प्रोगराम खत्म होने से कुछ समय पहले लोगो को पता चला के तारिक फतेह जैसा जानवर आने वाला है तो लोग एक जुट होकर उसके विरोध के लिए जमा हो गये और जम कर नारे बाज़ी कि जिसका प्रणाम ये हुआ के पुलिस को वहां से उस जानवर को भगाना पड़ा। ये ताकत होती है इत्तेहाद कि इस वीडियो को देख कर शेयर ज़रूर करें आज दिनांक 19 फरवरी कि शाम कि है वहां कुछ लोग उसकी हीमायत में भी थे अफसौस होता है। #व٠अ٠अमरोही

Indian Muslim ಅವರಿಂದ ಈ ದಿನದಂದು ಪೋಸ್ಟ್ ಮಾಡಲಾಗಿದೆ ಭಾನುವಾರ, ಫೆಬ್ರವರಿ 19, 2017